संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कार्पोरेशन की ओर से दिए गए धान में गड़बड़ी कर दो राइस मिल संचालकों ने सरकार को लगभग 8.34 करोड़ रुपये की चपत लगा दी। आरोप है कि कार्पोरेशन से धान लेकर दोनों राइस मिल संचालकों ने पूरे चावल नहीं लौटाए गए। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद राइस मिलरों ने कार्पोरेशन को चावल नहीं लौटाए। इसपर कार्पोरेशन के डीएम विजय कुमार दहिया ने दोनों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। थाना छप्पर पुलिस ने दोनों राइस मिलरों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा स्टेट वेयर हाउस कार्पोरेशन के डीएम विजय कुमार दहिया ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि कार्पोरेशन ने वर्ष 2020-21 में जागधौली निवासी जरनैल सिंह की मैसर्स एग्रो फूड राइस मिल जागधौली के साथ धान की कुटाई कर चावल देने का एग्रीमेंट किया था। मिल को 37175.425 मीट्रक टन धान दिया गया था। शुरुआत में तो जरनैल सिंह नियमित रूप से चावल देता रहा। बाद मेंउसने चावल देना बंद कर दिया। इस पर विभाग ने उसे कई बार नोटिस भेजे, परंतु वह कोई न कोई बहाना बनाकर टरकाता रहा। बीती 19 जून को कार्पोरेशन की तरफ से राइस मिल में फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें 1578.09 मीट्रिक टन धान नहीं मिला, जिसकी कीमत 3 करोड़ 98 लाख 88560 रुपए थी।
इसी तरह कार्पोरेशन के साथ छप्पर क्षेत्र के ही बीएस एग्रो राइस मिल जागधौली के बलिंद्र सिंह के साथ धान के बदले चावल देने का एग्रीमेंट हुआ था। कुटाई के लिए बलिंद्र सिंह को 54229.50 एमटी धान दिया गया था। यहां भी 19 जून को जब फिजिकल वेरिफकेशन कराया गया तो 1715.34 एमटी धान मिल में कम मिला, जिसकी कीमत 4 करोड़ 33 लाख 57852 रुपये थी। कई बार नोटिस भेजने के बाद भी राइस मिलने ने चावल नहीं लौटाया। इसके बाद दोनों राइस मिलरों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई।
छप्पर थाना प्रभारी रायसिंह का कहना है कि डीएम विजय कुमार दहिया की शिकायत के आधार पर दोनों राइस मिलर्स के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज कर लिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। राइस मिलरों को दिए गए धान का कार्पोरेशन से रिकार्ड लिया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।