संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। किसानों के हक के यूरिया पर डाका डाला जा रहा है। ऐसा मामला कलानौर नाके से सामने आया है। कृषि योग्य यूरिया को अवैध रूप से ले जाते कृषि विभाग के अधिकारियों ने पुलिस की मदद से पकड़ा है। आरोपी उत्तर प्रदेश से यूरिया ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर हरियाणा के यमुनानगर ला रहे थे। तभी गुप्त सूचना पर सदर थाना पुलिस व कृषि विभाग की टीम ने कलानौर नाके पर यूरिया से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली का पकड़ लिया।
पूछताछ करने पर आरोपी खाद मालिक व ट्रैक्टर चालक यूरिया से संबंधित कोई बिल व दस्तावेज नहीं दिखा पाया। ट्रैक्टर ट्रॉली से जांच करने पर 200 बैग यूरिया बरामद किया गया। सदर थाना पुलिस ने कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ हरीश पांडेय की शिकायत पर आरोपी खाद मालिक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के कुतुबपुर गांव निवासी रविंद्र व ट्रैक्टर चालक समसपुर गांव निवासी आकिल पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कलानौर चौकी के एसआई प्रमोद कुमार व एसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कलानौर के रास्ते से ट्रैक्टर-ट्राली में यूरिया खाद को भरकर अवैध रूप से उत्तर प्रदेश से यमुनानगर लाया जा रहा है। आशंका है कि यह यूरिया यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्ट्री में सप्लाई किया जाना है। सूचना मिलते ही उन्होंने अपनी टीम के साथ कलानौर नाका पर नाकाबंदी की जांच शुरू की।
कुछ देर बाद सहारनपुर की तरफ से एक बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रॉली आती दिखाई दी। जिसमें यूरिया खाद के कट्टे भरे हुए थे। उन्होंने जब ट्रैक्टर-ट्राली को रोककर जांच की तो उसमें कृषि में उपयोग होने वाला यूरिया भरा हुआ था। मौके पर आरोपी ट्रैक्टर चालक सहारनपुर के गांव समसपुर निवासी आकिल व खाद मालिक कुतुबपुर निवासी रविंद्र को हिरासत में लिया गया।
इसकी सूचना कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ हरीश पांडेय को दी गई। वह मौके पर पहुंचे। उनके सामने पकड़े गए आरोपियों से खाद का बिल और बिल्टी मांगी। लेकिन दोनों आरोपी न तो यूरिया का बिल दिखा पाए और न ही बिल्टी। जांच के दौरान ट्राली में 200 कट्टे यूरिया के बरामद हुए।
पूछताछ करने पर आरोपी रविंद्र ने बताया कि वह खाद सहारनपुर निवासी सिंगला के पास से लेकर आए है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हरीश पांडेय ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि कृषि उपयोग यूरिया किस व्यक्ति को या किस फैक्ट्री में या कहां इसका भंडारण किया जाना था। उन्होंने आशंका जताई है कि यह कृषि प्रयोग यूरिया किसी प्लाईवुड फैक्ट्री में जाता। क्योंकि कृषि प्रयोग यूरिया पर सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है, जबकि प्लाईवुड फैक्ट्री में प्रयोग किया जाने वाले यूरिया पर यह अनुदान उपलब्ध नहीं है। इसलिए कुछ लोग अवैध रूप से कृषि उपयोग यूरिया का फैक्ट्री में इस्तेमाल करते है।
आरोपी खाद मालिक रविंद्र व ट्रैक्टर चालक पर केस दर्ज कर मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी सहारनपुर से खाद लेकर यमुनानगर आ रहे थे। खाद की सप्लाई कहां देनी थी, इसकी जांच की जा रही है। -केवल सिंह, थाना प्रभारी सदर।