संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बाढ़ के पानी के विभिन्न जगहों पर हो रहे भूमि कटाव को रोकने के लिए प्रशासन पौने दो लाख से अधिक कट्टे लगाने का दावा कर रहा है। इन कट्टों में मिट्टी व रेत भर कर गांवों में कटाव वाली जगह पर लगाया जा रहा है। खाली कट्टों में मिट्टी व रेत भरने का कार्य जोरों पर हो रहा है। फिर इन्हें जेसीबी की मदद से नदी किनारे रखा जा रहा है।
वहीं वीरवार को डीसी पार्थ गुप्ता ने गांव लापरा, उन्हेड़ी, संधाला व गुमथला गांवों का दौरा कर कटाव व तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की। उन्होंने बताया कि यमुना का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है। गांव टापू कमालपुर में भूमि कटाव रोकने के लिए तटबंध पर 51,000 बैग, तीन जेसीबी, पोबारी में 15,400 बैग, जेसीबी मशीन, उन्हेड़ी में 25,000 बैग, एक जेसीबी का इंतजाम किया गया है।
लापरा में 20,000 बैग, एक जेसीबी, बीबीपुर में 10,000 बैग, एक जेसीबी, बेलगढ में 4,000 बैग, एक जेसीबी व एक ट्रैक्टर ट्रॉली, लाकड़मय प्रतापपुर में 6,000 बैग, एक जेसीबी व एक ट्रैक्टर ट्रॉली, मंडौली घग्गड़ में 5,000 बैग, एक जेसीबी, एक ट्रैक्टर ट्रॉली, माली माजरा में 3,000 बैग, कलेसर में एक जेसीबी, बंजारा बांस में 2,000 बैग, एक जेसीबी मशीन, दो ट्रैक्टर ट्रॉली व एक पोकलेन, कोटड़ा काहन सिंह में 5,000 बैग, एक जेसीबी व दो ट्रैक्टर ट्रॉली लगाई गई है।