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इंदौर-बनारस मॉडल से दुरुस्त होगा टि्वनसिटी का बिगड़ा कचरा प्रबंधन

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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में टिवनसिटी में ने 71 अंक की छलांग मारी है, लेकिन बंद पड़े कैल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ने नंबर काट दिए और नगर निगम के शहरों में 147वें नंबर से संतोष करना पड़ा। कूड़ा प्रबंधन और सफाई में फेल रहे टिवनसिटी में इंदौर और बनारस की तर्ज पर सफाई की जरूरत है। हालिया सफाई सर्वे में इंदौर ने लगातार चौथी बार देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं बनारस ने यूपी में अव्वल स्थान हासिल किया है। अब अगले साल जनवरी में फिर से यह सर्वे होना है। ऐसे में नगर विकास ने सफाई में नंबर बढ़ाने के लिए इन दोनों शहरों का मॉडल अपनाया जाना जरूरी है।
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ये तरीके बढ़ाएंगे शहर के नंबर
रात्रिकालीन सफाई
इंदौर में रात्रिकालीन सफाई होती है। पिछले साल यमुनानगर जगाधरी में भी रात में सफाई हुई। अब सफाई के लिए नए सिरे से योजना बनानी होगी। स्थानीय स्तर पर सफाई कर्मियों के नाम के बोर्ड भी लगवाएं ताकि उनकी हौसला आफजाई किया जा सकें।
डस्टबिन मुक्त शहर
इंदौर में आवासीय क्षेत्रों से डस्टबिन हटवा दिए गए थे। इससे हर जगह कूड़ा डंप नहीं होता। बनारस में भी 80 वार्डों में 50 फीसदी डस्टबिन हटाए जा चुके हैं। यहां भी यह योजना लागू की जानी चाहिए।
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घर-घर कूड़ा उठान
वैसे तो शहर के लगभग सभी वार्डों से घर-घर कूड़ा उठान शुरू किया जा चुका है, लेकिन यह योजना ढंग से लागू नहीं हो पाई। छोटी-छोटी एजेंसियों को घर-घर कूड़ा उठाने का ठेका भी दिया जा सकता है।
त्वरित शिकायत निस्तारण
नगर निगम को शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया ठीक करनी होगी। स्वच्छता ऐप का इस्तेमाल बढ़ाने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
कचरा निस्तारण पर फोकस
कूड़े की ढुलाई के बाद प्लांट में 100 फीसदी प्रॉसेसिंग जरूरी है, लेकिन कैल गांव स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद पड़ा है। कई बार इसे शुरू करने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद यह बंद पड़ा। हर बार इसी वजह से टिवनसिटी के नंबर कटते हैं।
हर जोन का स्वच्छता सर्वे
नगर निगम को हर महीने जोनवाइज स्वच्छता सर्वे करवाना होगा। इससे पब्लिक फीडबैक भी दुरुस्त होगा और जनसंवाद भी बढ़ेगा। इंदौर में ऐसी प्रक्रिया पहले से लागू है।
-कूड़ा प्रबंधन और सफाई सरकार की प्राथमिकता में है। इंदौर के मॉडल पर काम किया जाएगा। बनारस से भी सीखने की जरूरत है। इस बार टॉप-100 में अपना शहर होगा, ऐसा मेरा मानना है। इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होगा। हम हर स्तर पर सुधार लागू करेंगे। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई भी होगी।
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-मदन चौहान, मेयर
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