जल्द ही जिले के सभी थाने आधुनिक तकनीक से लैस होंगे। इससे थानों में
आंकड़ों का रखरखाव और सूचनाआें का आदान-प्रदान आसान होगा। राज्य के सभी
थानों को आधुनिक बनाने के लिए पिछले सप्ताह ही पुलिस विभाग के पास 22 करोड़
रुपये की ग्रांट आई है।
यह बात हरियाणा के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ओपी
सिंह ने कही। शुक्रवार को वह नेशनल पब्लिक स्कूल में आयोजित सीबीएसई नॉर्थ
जोन प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे।
उन्हाेंने कहा कि
अपराध को रोकना एक चुनौती पूर्ण कार्य है, लेकिन कोई भी आपराधिक घटना होती
है। पुलिस उसे जरूर सुलझा लेती है। हालांकि कु छ केस ऐसे होते हैं, जिनमें
कुछ समय लग जाता है। पुलिस उसे जरूर हल कर देती है। उन्हाेंने कहा कि कुछ
केस लंबे समय तक चलते हैं। जिन्हें लंबे समय तक संभालने में दिक्कत होती
है। हरियाणा पुलिस विभाग के पास 22 करोड़ रुपये की ग्रांट आई है, जिससे
राज्य के सभी थानों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। थानों में कर्मचारियों को
सुविधा दी जाएगी ताकि थानों में आंकड़ाें के रखरखाव में आसानी हो सके। इसके
अतिरिक्त सूचनाआें का आदान-प्रदान और आसान किया जा सके। इसके लिए कार्य
शुरू कर दिया गया है। राज्य के 10-12 थानों में कार्य जोरों पर चल रहा है।
धीरे-धीरे राज्य के सभी थानों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। यदि संभव
हुआ तो सभी थाना प्रभारियों को एक-एक लैपटॉप भी दिया जाएगा। इसके लिए भी
प्रपोजल तैयार किया जा रहा है।
नई भर्ती से आपराधिक घटनाआें पर लगेगा अंकुश
आईजी
ओपी सिंह ने कहा कि राज्य में इस समय 60 हजार पुलिस कर्मचारी कार्यरत हैं।
जल्द ही होने वाली 12 हजार नई पुलिस कर्मचारियों की भर्ती से जहां पुलिस
कर्मचारियों का कार्यभार कम होगा, वहीं उन्हें आपराधिक घटनाओं पर अंकुश
लगाने में सहयोग मिलेगा। नई भर्ती के कर्मचारियों में आईटी क्षेत्र के
युवाओं की अधिक भर्ती हो सकती है। क्योंकि आधुनिक तकनीक के लिए आईटी
क्षेत्र में परिपूर्ण कर्मचारी की आवश्यकता होगी।
उन्होंने पुलिस के
गुप्तचर विंग, सीआईए विंग और अन्य पुलिस विभाग के कर्मचारियों को आह्वान कि
या कि वह आपराधिक प्रवृत्ति और संदिग्ध लोगों पर खास नजर रखें। त्योहारों
के समय में ऐसे लोग अधिक सक्रिय रहते हैं।
पड़ोसी राज्य पुलिस से रखे तालमेल
यमुनानगर
के साथ उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल राज्य की सीमाएं लगती हैं। बदमाश
वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्य में चले जाते हैं। सबसे अधिक घटनाएं
उत्तरप्रदेश के सहारनपुर की सीमा के साथ लगते क्षेत्र में होती है। आईजी
ओपी सिंह ने कहा कि इन घटनाओं को अंकुश लगाने के लिए पुलिस को दूसरे राज्य
के सीमावर्ती क्षेत्रों की पुलिस के साथ तालमेल बनाकर कार्य करना होगा।
सीमाआें पर कड़ी नजर रखनी होगी।