संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के 33 निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से लगातार 11वें दिन भी इलाज व ऑपरेशन नहीं हो पाए। इससे पहले हर दिन 23-25 ऑपरेशन हो रहे थे, जिससे 11 दिन में करीब 250 ऑपरेशन अटकने का अनुमान है। ये वह मरीज हैं, जो सामान्य बीमारियों के चलते निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर इलाज शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
जिला व उप जिला नागरिक अस्पतालों में कई रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, इस पर परिजन गंभीर मरीजों का निजी अस्पतालों में पैसा देकर ऑपरेशन कराने पर मजबूर हैं, अन्यथा उन्हें अंबाला के सरकारी अस्पताल या चंडीगढ़ पीजीआई जाना पड़ रहा है। आईएमए से आयुष्मान भारत योजना के जिला संयोजक डाॅ. जेके गुलाटी ने बताया कि जिले में 33 निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत पात्रों का इलाज किया जाता है।
इलाज का खर्च सरकार वहन करती है। इसके बिल अस्पतालों से सरकार के पास जाते हैं, पर उनका भुगतान समय पर नहीं हो रहा। बार-बार किसी अस्पताल का दो-तीन तो किसी का चार-पांच माह तक भुगतान रोक कर रखा जाता है। इसी तरह दोबारा तीन से चार का अस्पतालों का भुगतान बकाया है। यह जिले के 33 अस्पतालों को करीब 20 करोड़ बन रहा है। एक ओर बिलों का भुगतान समय से नहीं है।
वहीं बिलों का भुगतान करते समय कई बार कटौती कर दी जाती है या किसी लिपिकीय गलती के कारण बिल का भुगतान रद कर जुर्माना लगा दिया जाता है। इन्हीं परेशानियों से तंग आकर निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना में बुधवार रात से मरीजों का इलाज बंद कर दिया है। उनकी मांग है कि समय पर अस्पतालों को बिलों का भुगतान हो। साथ ही बिलों में कटौती व उन्हें रद किया जाना बंद हो।
सरकारी अस्पताल में बढ़ी भर्ती मरीजों की संख्या
आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों में इलाज बंद होने से शहर के जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज बढ़े हैं। दस दिनों में हर दिन भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या औसत 70-80 रही। कई दिन ऐसे रहे, जब भर्ती मरीजों की संख्या 100 को पार कर गई। आपातकालीन स्थिति में आयुष्मान कार्ड धारक यहां ऑपरेशन व इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें कइयों को रोग विशेषज्ञ न होने पर अंबाला या चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है, अन्यथा शहर के निजी अस्पताल में पैसे देकर इलाज कराना पड़ रहा है। जिन्हें आंख, गुर्दे, पथरी जैसे ऑपरेशन कराने हैं, वह निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना पर इलाज शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
आयुष्मान योजना के तहत अधिक से अधिक मरीजों को इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है। इस बारे में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। - डॉ. संजना दुआ, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर।