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Yamuna Nagar News: 1500 फैक्टरियां और 10 हजार ट्रक फिर भी नहीं बना ट्रांसपोर्ट नगर

Tue, 12 May 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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पुराने सहारनपुर रोड पर सड़क किनारे खड़े ट्रक। आर्काइव
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला जिला आज भी ट्रांसपोर्ट नगर वंचित है। जिले में करीब 1500 औद्योगिक इकाइयां, 400 से 500 ट्रांसपोर्टर और 10 हजार से अधिक ट्रक होने के बावजूद आज तक ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन पाया।
वर्षों पहले ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की योजना बनी थी और इसके लिए सहारनपुर रोड पर करीब 300 एकड़ जमीन भी चिन्हित की गई थी। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ पाया। अब हालात ऐसे हैं कि ट्रांसपोर्टरों के कार्यालय सड़क किनारे चल रहे हैं और ट्रकों को भी मजबूरी में सड़कों व गलियों में खड़ा करना पड़ रहा है।
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जिले में प्लाईवुड, मेटल और अन्य उद्योगों की बड़ी संख्या है। यहां रोजाना भारी मात्रा में कच्चा माल और तैयार सामान ट्रकों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है। इसके बावजूद ट्रांसपोर्टरों के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है।
ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर पुराना सहारनपुर रोड, सरस्वती शुगर मिल से यमुना पुल तक सड़क किनारे ही वाहन खड़े करते हैं।
कई बार गलियों में भी ट्रकों की पार्किंग करनी पड़ती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थिति यह है कि चार लेन सड़क की एक-एक लेन पर हर समय ट्रकों का कब्जा रहता है। खराब ट्रकों की मरम्मत भी सड़क किनारे ही की जाती है। इससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
पिछले चार वर्षों में सरस्वती शुगर मिल से यमुना पुल तक के हिस्से में करीब 25 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 13 लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए। सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण दृश्यता कम हो जाती है और अचानक वाहन सामने आने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। संवाद
कई दशक पहले बन जाना चाहिए था : सतपाल

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन यमुनानगर के प्रधान सतपाल रोजी का कहना है कि जिले में ट्रांसपोर्ट नगर बनने से सड़क पर ट्रकों का दबाव कम होगा और सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। सड़क पर वाहन खड़े करना उनकी मजबूरी बन चुका है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में ट्रांसपोर्ट नगर हैं, लेकिन यमुनानगर आज भी इससे वंचित है। इंडस्ट्री के हिसाब से यहां कई दशक पहले ही ट्रांसपोर्ट नगर बन जाना चाहिए था। इससे ट्रांसपोर्टरों को एक ही जगह कार्यालय, पार्किंग और मरम्मत की सुविधा मिल सकेगी। सरकार को इस बारे में विचार करना चाहिए।
माल की ढुलाई आसान होगी : बिहानी

प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर के अध्यक्ष जेके बिहानी का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से कारोबार को भी बड़ा फायदा होगा। अभी उन्हें अपने निजी संपर्कों के आधार पर ट्रांसपोर्टरों से वाहन लेने पड़ते हैं। यदि ट्रांसपोर्ट नगर बनता है तो सभी ट्रांसपोर्टर एक ही स्थान पर मिलेंगे और माल ढुलाई के लिए वाहन आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे मालभाड़े में कमी आएगी और कुछ ट्रांसपोर्टरों की रेट को लेकर बनी जो मोनोपली रहती है वह भी खत्म होगी। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवा बेहतर होगी और नए कारोबारी भी जुड़ सकेंगे। साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
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मेरे पास फिलहाल ट्रांसपोर्ट नगर का कोई प्रस्ताव नहीं आया है। मेरे ज्वाइन करने से पहले यदि इस बारे में कोई फाइल आई होगी तो उसे देखकर ही कुछ बताया जा सकता है। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से सभी को फायदा होगा। - गुरप्रीत संधू, एडीटीओ, यमुनानगर।
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