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Yamuna Nagar News: जीवन कौशल शिक्षा देने के लिए दिया जा रहा प्रशिक्षण

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विद्यार्थियों को जीवन कौशल सिखाने, इसकी अभिव्यक्ति व अपनाने को लेकर शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए विद्यार्थियों को स्कूल में विभिन्न गतिविधियों से निपुण बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को निपुण बनाने से पहले विभाग इसमें अध्यापकों को दक्ष बना रहा है, ताकि अध्यापक विद्यार्थियों को आसानी से जीवन कौशल की शिक्षा दे सकें। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से 21 सेंचुरी स्किल नाम से कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें जिले के अध्यापकों को जीवन कौशल विषय संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खंड स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगाकर अध्यापकों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। जगाधरी खंड की पांच दिवसीय ट्रेनिंग तेजली स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) और जगाधरी झंडा चौक स्थित राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण चार से आठ दिसंबर तक चलेगा। जिसमें दोनों शिविरों में 38-38 अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए मुंबई की मैजिक बस फाउंडेशन से करार किया है। फाउंडेशन के सदस्य अध्यापकों को शिविर के दौरान प्रशिक्षण दे रहे हैं। विभाग की माने तो यह बेहद महत्वाकांक्षी योजना व कार्यक्रम है। जिससे विद्यार्थियों को जीवन कौशल शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि वे जीवन में किसी भी क्षेत्र व परिस्थिति में काम कर सकें। यह प्रशिक्षण डाइट प्राचार्य दुष्यंत चहल की देखरेख में चल रहा है। शुरुआती तौर पर यह कार्यक्रम छठी से आठवीं की कक्षाओं के अध्यापकों के लिए चलाया गया है।
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डाइट प्राचार्य दुष्यंत चहल ने बताया कि स्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी शिक्षा ही उपयुक्त नहीं है। बल्कि इसके साथ विद्यार्थियों को कौशल परक शिक्षा दी जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 21 सेंचुरी स्किल नाम से कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें अध्यापकों को विद्यार्थियों के कौशल पहचाने, उसे दिशा देखने, परखने व निखारने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें अध्यापकों को कक्षा में छोटी-छोटी गतिविधियों करवाकर विद्यार्थियों की मानसिक व शारीरिक दक्षता पहचाने व उनका रुझान समझने के बारे बताया जा रहा है। वहीं हुनर व विभिन्न कौशल को निखार, मौजूदा वातावरण में उसकी अभिव्यक्ति, मुखरता व अपनाने के लिए प्रेरित करने का भी अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे विद्यार्थियों को इसके लिए प्रेरित कर सकें। प्रतिभागियों को तैयार मॉड्यूल आधारित विभिन्न गतिविधियां रोल प्ले, सिचुएशन कार्ड, कहानी इत्यादि से यूनिसेफ के बताए दस कौशल जिनमें भावनाओं की समझ, अंतर वैयक्तिक संबंध, तनाव प्रबंधन, समस्या समाधान, निर्णय लेना इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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