जगाधरी। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और चौराहों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए अब ट्रैफिक लाइट व्यवस्था को हाईटेक करने की तैयारी है। पुरानी तकनीक की जगह मुख्य चौराहों पर एंड्रॉयड आधारित स्मार्ट ट्रैफिक लाइट सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी मदद से यातायात पुलिस कर्मचारी मोबाइल से ही चौराहों की लाइट नियंत्रित कर सकेंगे। इससे आपात स्थिति में एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए संबंधित दिशा की बत्ती तत्काल हरी की जा सकेगी।
इसके अलावा किसी भी दिशा में वाहनों का दबाव अधिक होने पर वहां हरी बत्ती का समय बढ़ाया जा सकेगा जबकि जरूरत पड़ने पर दूसरी दिशा का यातायात कुछ समय के लिए रोका जा सकेगा। इससे भीड़ नियंत्रित करने और चौराहों पर वाहनों की लंबी कतार बनने से रोकने में मदद मिल सकेगी। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि नई व्यवस्था का सबसे पहले अग्रसेन चौक पर परीक्षण किया जा रहा है। पटियाला की एक निजी कंपनी ने नगर निगम और यातायात पुलिस अधिकारियों के समक्ष स्मार्ट ट्रैफिक लाइट सिस्टम का डेमो दिया। जिला प्रशासन की स्वीकृति के बाद अब शहर के प्रमुख चौराहों पर इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नई तकनीक में चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी को हर दिशा की लाइट को अलग-अलग मैनुअल तरीके से संचालित नहीं करना पड़ेगा। मोबाइल में इंस्टाल विशेष एप के माध्यम से लाइटों के संचालन का समय बदला जा सकेगा। यदि किसी एक मार्ग पर अचानक वाहनों की संख्या बढ़ जाती है तो पुलिसकर्मी उसी दिशा में हरी बत्ती का समय बढ़ा सकेंगे। स्कूल वाहनों और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिल सकती है।
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बिना इंटरनेट भी संचालित हो सकेगी व्यवस्था
निगमायुक्त ने बताया कि स्मार्ट ट्रैफिक लाइट सिस्टम उपग्रह और वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) आधारित होगा। मोबाइल एप से लाइटों को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके संचालन के लिए हर समय इंटरनेट, ब्लूटूथ या दूरसंचार नेटवर्क पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। जीपीएस की मदद से शहर के अलग-अलग चौराहों की लाइटों में तालमेल स्थापित किया जा सकेगा। जिले के रादौर स्थित बुबका चौक के अलावा अंबाला और सोनीपत समेत कई स्थानों पर इस प्रकार की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कैमरों और एआई से खुद तय होगा लाइट का समय
भविष्य में स्मार्ट ट्रैफिक लाइट सिस्टम को निगरानी कैमरों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ने की भी योजना है। इसके बाद कैमरे चौराहे पर वाहनों की संख्या और यातायात के दबाव का आकलन कर सकेंगे। इसके आधार पर लाइटों के संचालन का समय स्वत: बदला जा सकेगा। सिस्टम को यातायात नियंत्रण कक्ष से जोड़कर दूर बैठकर भी अलग-अलग चौराहों की लाइटों को नियंत्रित करने की सुविधा विकसित की जा सकेगी।
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शहर की यातायात व्यवस्था हाईटेक करने की तैयारी है। इसके तहत मुख्य चौराहों पर एडवांस एंड्रॉयड टैफिक लाइट सिस्टम का प्रशिक्षण किया जा रहा है। यह लाइट लगने से चौराहों पर जाम की स्थिति से निजात और राहत मिल सकेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सिस्टम के लिए टेंडर आमंत्रित किया जाएगा। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त नगर निगम।