जगाधरी। गांव सुढल में बिजली लाइन बिछाने के लिए टॉवर लगाने का विवाद डीसी के पास पहुंच गया। किसानों के विरोध के बाद फिलहाल टॉवर लगाने का काम 19 तक टाल दिया गया है। प्रशासन के अगले आदेश आने तक टॉवर लगाने का काम बंद रहेगा। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन सहित अन्य किसान संगठन डीसी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। यहां डीसी व एसपी ने मामले को लेकर किसान संगठनों के पदाधिकारियों से बातचीत की और उनकी समस्या सुनी।
बैठक में किसानों ने टॉवर लगाने के लिए मिला मुआवजा कम होने की बात कही। भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने किसानों का नेतृत्व किया। इस दौरान संजू गुंदियाना ने कहा कि बिजली निगम की ओर से लाइन बिछाने के लिए खेतों में टॉवर लगाए जा रहे हैं। इसके लिए किसानों को नाम मात्र मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों को केवल टॉवर के लिए ली गई भूमि का कलेक्टर रेट के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि तारों का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। संजू ने कहा कि भिवानी में भी यह काम चल रहा है। जहां किसानों को 15 से 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
लेकिन यहां पर किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव ली जा रही है। जिससे किसानों में रोष है। संजू ने बताया कि डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने उनकी बात सुनी और भिवानी की तरह कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। संजू ने बताया कि इस बारे डीसी भिवानी से संपर्क किया गया, लेकिन वे 17 दिसंबर तक छुट्टी पर है। उनके लौटने के बाद भिवानी में बिजली टॉवर लगाने के लिए दिए मुआवजे के दस्तावेजों देखे जाएंगे। जिसके बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अगले आदेश आने तक टॉवर लगाने का काम बंद रहेगा। इस दौरान हरपाल सुढल, कृष्णपाल सुढल, मनदीप रोडछप्पर, गुरमेज कपूरी सहित अन्य उपस्थित रहे।