यमुनानगर। टूटी सड़कों पर चलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। तीन माह बाद बुधवार को लघु सचिवालय में रोड सेफ्टी की बैठक हुई। जिसमें दो विधायक अधिकारियों से पूछते रहे कि टूटी सड़कों की मरम्मत कब तक हो जाएगी। केवल शहर की सड़कें ही नहीं बल्कि नेशनल हाईवे भी बुरी तरह से टूट चुका है। गौरतलब है कि सड़कों को बनाने के बजाय अधिकारी बैठक में एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।
यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने तो रादौर रोड पर विश्वकर्मा चौक से जोड़ियां नाका तक डिवाइडर की हालत को देख कर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को यहां तक कह दिया कि मैं आपके काम से शत प्रतिशत असंतुष्ट हूं। जब तक किसी की जान नहीं जाएगी तब तक मानेंगे नहीं। केवल बातें हो रही हैं। बिकानों के सामने नेहरू पार्क के मोड पर नगर निगम ने जो गड्ढे भरे थे वह फिर उखड़ गए। इसी तरह रादौर विधायक डॉ. बीएल सैनी ने भी टूटी सड़कों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। बैठक में जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र ने पिछली बैठकों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मौके पर एसपी मोहित हांडा, एसडीएम बिलासपुर जसपाल गिल, जगाधरी एसडीएम सुशील कुमार, डीएसपी प्रमोद कुमार, डीएफओ सूरजभान, ट्रैफिक एसएचओ लोकेश कुमार, एसआई नरेश कुमार, आरटीए कार्यालय से मेघराज समेत अन्य मौजूद रहे।
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पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई अपने-अपने पक्ष में देते रहे दलील
डीसी पार्थ गुप्ता की गैर हाजिरी में रोड सेफ्टी की बैठक सिटीएम अशोक कुमार ने ली। जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे कई जगह से टूट कर बुरी तरह से बिखर चुका है। सिटीएम ने रिपोर्ट मांगी तो नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साइट इंजीनियर अभिमन्यु मलिक ने उन्हें बताया कि हाईवे की हालत जहां ज्यादा खराब है उसे बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। बाकी की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को पैसा दे रखा है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन नवीन खतरी ने जवाब दिया कि उन्हें जो पैसा मिला था उससे पैचवर्क कर दिया है। अभिमन्यु मलिक बोले एनएचएआई अब तक पीडब्ल्यूडी को एक करोड़ 10 लाख रुपये दे चुका है। जबकि रोड सेफ्टी के कार्यों के लिए जून माह में 17 लाख रुपये अतिरिक्त दिए हैं, लेकिन हमारी उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हुआ है।
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विधायक बोले स्कूल के सामने मैं भी जाम में फंसता हूं
यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कन्हैया साहिब चौक से लेकर संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल तक लगने वाले जाम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कन्हैया चौक के पास स्ट्रॉम वाटर की पाइप लाइन का मैनहोल काफी पहले खोदा गया था। वह अब तक खुला पड़ा है। दोपहर को जब संत निश्चल स्कूल की छुट्टी होती है तो अभिभावक बच्चों को लेने आते हैं। इससे सड़क पर जाम लगता है। मैं भी कई बार वहां जाम में फंस चुका हूं। इसका समाधान निकालने के लिए उन्होंने ट्रैफिक एसएचओ लोकेश कुमार से कहा। स्कूल संचालकों से कहें कि वह स्कूल के अंदर पार्किंग की व्यवस्था करें, अंदर काफी जगह है। ज्ञात हो कि एसएचओ लोकेश कुमार खुद भी स्कूल प्रबंधकों से मिल चुके हैं। यहां पर जाम खुलवाने के लिए पुलिस को आठ से दस होमगार्ड व एसआई लगाने पड़ते हैं, परंतु हालात आज तक नहीं बदले।
बैठक को लेकर गंभीर नहीं दिखे अधिकारी
रोड सेफ्टी को लेकर अधिकारी बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। हर बार की तरह इस बार भी बैठक में कई विभागों के नए अधिकारी दिखाई दिए। नगर निगम के एक्सईएन रवि ओबराय की जगह बैठक में एमई आए। एमई ने सिटीएम को बताया कि एक्सईएन छुट्टी पर हैं। अमृत योजना के तहत हो रहे कार्यों की उन्हें जानकारी नहीं है। इसी तरह बिजली निगम से एसई और दो एक्सईएन में से कोई बैठक में नहीं आया। एसडीओ ने कहा कि एसई वीडियो कॉन्फ्रेंस में व्यस्त हैं जबकि यमुनानगर एक्सईएन हाई कोर्ट में गए हैं।