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Yamuna Nagar News: शिविर में बताया घायल को कैसे दें प्राथमिक उपचार

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एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रहे रेडक्रॉस के शिविर का वीरवार को चौथा दिन रहा। शिविर में विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। शिविर का शुक्रवार को समापन होगा। यह शिविर शिक्षा विभाग और जिला रेडक्रॉस की ओर से लगाया जा रहा है। शिविर में विद्यार्थियों को दुर्घटना के घायल को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा के बारे में बताया। वहीं इस दौरान शिविर से शिक्षा विभाग ने अपने नशा मुक्ति अभियान माह की शुरुआत की। बता दें कि जिला शिक्षा विभाग की ओर से फरवरी को नशा मुक्ति अभियान माह के रूप में मनाया जा रहा है। जिसकी शुरुआत शिक्षा विभाग ने रेडक्रॉस शिविर से की। नशा मुक्ति अभियान माह जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार कौशिक के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। डीईओ ने अभियान के लिए सभी अध्यापकों व कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी और विद्यार्थियों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
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शिविर में विद्यार्थियों को नशा के खिलाफ जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को नशे के होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया और इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सबसे पहले सुबह विद्यार्थियों को वीडियो के जरिए नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। वीडियो में विद्यार्थियों को शौक से लत और लत से कमजोरी बनने के नशे के प्रभावों के बारे में बताया। वहीं इससे मस्तिष्क व शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। प्रधानाचार्य सतीश गर्ग, राकेश गुप्ता, सुनील कुमार ने कहा कि नशा राष्ट्रीय समस्या बन चुका है। जिससे सभी को मिलकर निपटना है। उन्होंने कहा कि हमारी नई पीढ़ी इस दलदल से बचे यह सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी बनती है। सतीश गर्ग ने कहा कि बच्चों को इसकी आदत आसपास के माहौल से पड़ती है। पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इसमें काफी हद तक भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि पहले नशा शौक में शुरू किया जाता है और धीरे धीरे यह लत बन जाती है और इसके बाद यह व्यक्ति की कमजोरी बन जाती है। नशा हमारे देश को खोखला करता जा रहा है। इस दौरान सुनील शर्मा, राकेश गुप्ता, उमेश अरोड़ा, उमेश प्रताप वत्स, धर्मवीर भारद्वाज, रितु शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अध्यापकों व प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। वहीं विद्यार्थियों ने भी अपने स्तर पर नशे को लेकर अपने विचार साझा किए। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने आसपास नशे संबंधी माहौल और नशेड़ियों की प्रवृति के बारे में बताया। शिविर में सभी को नशा न करने की शपथ दिलवाई गई। वहीं विद्यार्थियों ने अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का प्रण लिया।
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