संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओपीडी में चेकअप के लिए कोई परेशानी न हो इसके लिए लाखों रुपये खर्च करके टोकन मशीनें लगाई गई थी। अस्पताल में लगभग सभी डॉक्टरों ने मंगलवार को टोकन मशीनों को बंद किया। इससे मरीजों को पता ही नहीं चला कि ओपीडी में उनका नंबर कब आएगा। मरीज व उनके तीमारदार बार-बार बाहर बैठे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से पूछते रहते हैं कि चेकअप के लिए उनका नंबर कब आएगा।
करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल का अब 200 बेड का पांच मंजिला नया भवन बना है। पहले अस्पताल में की क्षमता मात्र 75 बेड की थी। जब से नया भवन बना है तब से अस्पताल में मरीजों की संख्या भी दोगुना से ज्यादा हो गई है। अब अस्पताल में रोजाना औसतन 1800 मरीजों की ओपीडी होती है।
डॉक्टरों के केबिन के बाहर ज्यादा भीड़ रहने लगी है। डॉक्टरों के केबिन के बाहर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बैठा गया ,है जो सभी मरीजों की ओपीडी पर्ची लेता है। वह एक-एक करके मरीजों को अंदर भेजता है। कई बार कोई जानकार आ गया तो उसकी पर्ची को ऊपर कर दिया जाता है और जो घंटों से इंतजार कर रहे होते हैं वह ऐसे ही बैठे रहते हैं। इसे लेकर कई बार मरीजों में धक्का-मुक्की भी हो चुकी है।
इस पर अस्पताल में सभी डॉक्टरों के केबिन में टोकन मशीनें लगाई गई थी। इनके लगने के बाद मरीज को एक नंबर दे दिया जाता था जो उसकी बारी आने पर बाहर लगी स्क्रीन पर दिख जाता था। परंतु डॉक्टरों ने मंगलवार को इन टोकन मशीनों को बंद कर रखा है। ऐसे में मरीज बैठे रहे। उन्हें पता भी नहीं चला कि चेकअप के लिए उनका नंबर कब आएगा।
सभी डॉक्टरों के केबिन में टोकन मशीनें मरीजों की सुविधा के लिए लगाई गई हैं। इससे पता चल जाता है कि किस मरीज का नंबर कितने बजे आएगा। टोकन मशीनों को बंद करना गलत है। मै खुद इसकी जांच करूंगी। सभी टोकन मशीनों को चलवाया जाएगा। - डॉ. दिव्या मंगला, पीएमओ मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल।