संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्यस्तरीय पशु मेले के चलते जिले में रोडवेज यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। मेले के दूसरे दिन शनिवार को भी रोडवेज की 22 बसों को कुरुक्षेत्र भेजा गया।
इसका सीधा असर ग्रामीण रूटों पर पड़ा है। इससे आम यात्रियों के अलावा विद्यार्थी परेशान रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से चलने वाली बसों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में लगाए जाने से दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह बसें अंबाला, प्रतापनगर, व्यासपुर, साढौरा, नारायणगढ़, छछरौली व रादौर रूटों से हटाकर कुरुक्षेत्र भेजी गई हैं। कई रूटों पर बसों की संख्या घटने से यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
शनिवार को सबसे अधिक परेशानी आईटीआई, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हुई। सुबह और दोपहर के समय बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली, जिससे विद्यार्थियों घंटों इंतजार या असुरक्षित सफर करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने भी रोडवेज प्रबंधन की इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
दैनिक यात्री जगतार, सोनू और विनोद का कहना है कि राज्यस्तरीय कार्यक्रम अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके लिए जिले के नियमित यात्रियों को परेशान करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकार चाहे तो निजी बसों को भी कार्यक्रम में लगा सकती है। ग्रामीण इलाकों में निजी साधनों की कमी के कारण लोग पूरी तरह रोडवेज बसों पर निर्भर हैं।
बसें न मिलने से छात्रों के साथ-साथ नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्ग यात्रियों को भी रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। रविवार को राज्यस्तरीय पशु मेले के समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने 22 के बजाय 23 बसें कुरुक्षेत्र भेजने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या और कम हो जाएगी। नौ बसें व्यासपुर से ही जाएंगी। रविवार को स्कूल, कॉलेजों की छुट्टी रहती है, लेकिन अन्य यात्रियों की भीड़ ज्यादा रहती है।
रविवार को रोडवेज की 23 बसें कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में जाएंगी। रविवार को शिक्षण संस्थानों की छुट्टी रहती है। प्रयास यही है कि यात्रियों को बसों की कमी से कोई दिक्कत न हो। -बलविंद्र सिंह, डीआई, यमुनानगर डिपो।
यमुनानगर अड्डे पर बस की तरफ दौड़ते यात्री। संवाद