आईआरसीटीसी अधिकृत टिकट एजेंट द्वारा अनाधिकृत पर्सनल यूजर आईडी का प्रयोग करने वाला एक और दलाल आरपीएफ ने पकड़ा है। छोटी लाइन की बहल कॉलोनी से पकड़े गए आरोपी के पास से 40 हजार रुपये की टिकट बरामद हुई हैं। एजेंट के कब्जे से आरपीएफ ने 49 टिकट मिलीं हैं। आरपीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसका कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप व अन्य डिवाइस जब्त कर लिए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया। एजेंट के डिवाइस साइबर एक्सपर्ट के पास भेजे जाएंगे। आरोपी की पहचान छोटी लाइन स्थित बहल कॉलोनी निवासी मनीष के रूप में हुई है। मनीष ब्रह्मकुमारीज आश्रम के पास इंडियन टूरिज्म के नाम से शॉप चलता है। यमुनानगर-जगाधरी थाना आरपीएफ तीन दिन से आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर रेड कर चुकी है। लेकिन मनीष की गिरफ्तारी के बाद पर्सनल आईडी से टिकट बनाने वाले एजेंट अलर्ट हो गए हैं।
यमुनानगर-जगाधरी रेलवे सुरक्षा बल ने मंगलवार को छोटी लाइन स्थित ब्रह्मकुमारीज आश्रम के पास इंडियन टूरिज्म पर रेड की। इस दौरान संचालक मनीष वहां मौजूद मिला। छापामारी की नेतृत्व कंपनी कमांडर रमेश श्योराण ने किया। जिसमें एएसआई योगेश तोमर सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान तलाशी लेने पर आरपीएफ को वहां से 49 टिकट बरामद हुई। जिसमें 25 टिकट तत्काल की और 24 समान्य आरक्षित टिकट थी। इसकी कुल कीमत 40 हजार रुपये है। मनीष पर रेलवे एक्ट के तहत केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया। रेड टीम ने मनीष का कंप्यूटर व लैपटॉप जब्त कर लिया है। जो जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट के पास हेडक्वार्टर भेज दिए गए हैं।
आरपीएफ का यह ऑपरेशन गुपचुप तरीके से पिछले तीन दिन से चल रहा है। इन तीन दिनों में आरपीएफ ने शहर में बुड़िया चुंगी, गांधी नगर और शादीपुर रोड पर टिकट बनाने वाले एजेंटों पर रेड की। लेकिन यहां से उनके हाथ कुछ नहीं लिया। वहीं आरपीएफ टीम ने बिलासपुर, छछरौली और बराड़ा में भी छापा मारा। लेकिन मनीष की गिरफ्तार की खबर सभी एजेंटों में फैल गई। जिसके बाद से सभी अलर्ट हो गए।
आरपीएफ ने जून 2019 से लेकर अब तक 11 ऐसे टिकट एजेंटों को काबू किया है। जो फर्जी और पर्सनल आईडी का प्रयोग कर टिकट बनाते थे। जून, अगस्त और सितंबर में आरपीएफ ने छापामारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जबकि जनवरी और फरवरी में सात एजेंट गिरफ्तार हो चुके हैं। यह सातों 18 जनवारी से 11 फरवरी के बीच पकड़े गए। जिले से आरपीएफ अब तक 11 दलालों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह दलाल अनाधिकृत तरीके से टिकट बनाते हैं। यात्री को तत्काल और समान्य आरक्षण की कंफर्म सीट टिकट के लिए अतिरिक्त चार्ज करते हैं। त्यौहारी, ग्रीष्मकालीन अवकाश और विवाह के मौके पर यह दलाल यात्रियों से मनचाहे रुपये एंठते हैं। त्यौहारी सीजन में एक टिकट पर एक हजार रुपये एक्ट्रा का भी रेट चलता है।
गिरफ्तार दलाल मनीष दो साल से टिकट बनाने का काम कर रहा था। इस दौरान वह हजारों टिकट बना चुका है। छापामारी के दौरान आरपीएफ को 49 टिकट उसके पास से बरामद हुई हैं। जिसमें से 25 तत्काल टिकट हैं, जिन पर यात्रा की जा चुकी है। जबकि 24 टिकट भविष्य की हैं, जिन पर यात्रा की जानी है। आरपीएफ ने यह टिकट कैंसिल करवा दी है। तत्काल टिकटों की कीमत 29 हजार रुपये है। जबकि समान्य आरक्षित टिकटों की कीमत 17 हजार आठ सौ रुपये है।