जगाधरी। शादी का झांसा देकर 12वीं कक्षा की छात्रा का अपहरण करने के दोषी को अदालत ने तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रजनीश बंसल की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब पांच महीने तक चली सुनवाई के दौरान 14 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
गांव कलांपुर निवासी पीड़िता के पिता ने छप्पर पुलिस को 10 जुलाई 2013 को दी शिकायत में बताया कि 8 जुलाई की रात को वह परिजनों के साथ घर में सो रहा था। इस दौरान 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली उसकी बेटी भी पास में चारपाई पर सो रही थी। रात को करीब एक बजे जब वह नींद से जागा, तो उसने बेटी को गायब पाया। उसने परिजनों के साथ बेटी की तलाश शुरू कर दी, लेकिन बेटी का कहीं सुराग नहीं मिला। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि पड़ोस में रहने वाला विक्रम उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर अगवा करके ले गया है।
पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर विक्रम के खिलाफ तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने 13 जुलाई को आरोपी तथा लड़की को काबू कर लिया और कोर्ट में पेश किया। यहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में और लड़की को नारी निकेतन करनाल भेज दिया गया। तीन अगस्त से मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हुई। कोर्ट में करीब छह महीने तक चली सुनवाई के दौरान 14 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रजनीश बंसल की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल की सजा सुना दी। कोर्ट ने दोषी को तीन साल की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।