ताजेवाला गांव में कई दिनों से फैले बुखार ने लोगों को डरा रखा है। वीरवार की रात गांव में एक नव विवाहिता, युवक व एक व्यक्ति की संदिग्ध बुखार से मौत हो गई। गांव में एक साथ तीन मौत होने से लोगों में दहशत का माहौल है। तीन में दो लोग निजी अस्पताल में भर्ती थे। परिजनों के मुताबिक 25 वर्षीय सारिफ को डॉक्टर ने डेंगू बताया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग किसी की भी डेंगू से मौत होने की बात को नकार रहा है। वहीं गांव के एक के बाद एक बुखार के कई मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ताजेवाला में जाकर जांच की। टीम ने गांव से 28 लोगों के सैंपल लिए। जिनमें से एक मरीज डेंगू का संदिग्ध मिला है। उसकी जांच जिला लैब में कराई जाएगी। वहीं ईस्माइलपुर गांव में भी बुखार के कई मरीज मिले हैं। वहीं शुक्रवार को जिले में डेंगू के 11 और चिकनगुनिया के पांच नए केस मिले हैं।
वीरवार रात ताजेवाला में 25 वर्षीय सारिफ की मौत हुई हो गई। परिजनों के मुताबिक सारिफ कई दिन से शहर के जेपी अस्पताल में भर्ती था। उसे तेज बुखार था। उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। इसलिए डॉक्टर ने रात को उसे पीजीआई चंडीगढ़ में रेफर कर दिया था। पीजीआई ले जाते हुए रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सारिफ की भाभी भी बुखार से पीड़ित है और इसी अस्पताल में भर्ती है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल के डॉक्टर ने जांच में सारिफ को डेंगू बताया था। 25 वर्षीय सारिफ ने पत्नी के पास बच्चा न होने के कारण दो बच्चों को गोद ले रखा था। उनका पालन पोषण इसी के जिम्मे था। वहीं 23 साल की तालिबा भी जेपी अस्पताल में भर्ती थी। उसे भी तेज बुखार था और हालत में सुधार नहीं होने पर रात को डॉक्टर ने उसे एमएम कॉलेज मुलाना में रेफर कर दिया था। परंतु अस्पताल पहुंचने से पहले ही तालिबा की मौत हो गई। तालिबा की शादी करीब नौ माह पहले ही हुई थी। जबकि 65 साल का जगदीश भी मौत हुई है। वह बुखार से ग्रस्त था और घर पर ही था।
तीन मौत से गांव में मातम का माहौल है। गांव के पंच एहसान, हाजी रमजान का कहना है कि गांव में कई दिनों से संदिग्ध बुखार, लोगों को उल्टी, दस्त व अन्य बीमारियाें ने लोगों को घेर रखा है। गांव में दर्जनों लोग इनकी चपेट में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में सभी का चेकअप कर उनको दवाइयां दी जाएं।
इस बारे में सीएससी प्रतापनगर के एसएमओ डॉक्टर जितेंद्र कुमार का कहना है कि ताजेवाला गांव में तीन लोगों की मौत होने की सूचना मिली है। जिस पर उन्होंने गांव से लोगों के रक्त के सैंपल लिए हैं। लोगों को दवाइयां दी गई हैं। कई जगह पर डेंगू का लारवा मिला है। जहां से पानी को साफ करवाया गया। लोगों को डेंगू से बचने के उपाय बताए गए हैं। उनका कहना है कि गांव में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेज कर मरीजों का चेकअप करवाया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि ताजेवाला में जो तीन मौत हुई है उनमें किसी को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। जांच में पता चला है कि मृतकों को बुखार के साथ अन्य बीमारियां भी थी। 28 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।