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Yamuna Nagar News: इस बार नौ दिन रहेगा होलाष्टक, कल से शुरु होंगे

Sun, 26 Feb 2023 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा। होली से पहले के आठ दिन होलाष्टक कहलाते हैं। इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से लेकर फाल्गुन पूर्णिमा यानि होलिका दहन तक होलाष्टक होता है। यह कहना ज्योतिषाचार्य डॉ. रामराज कौशिक का। वे बताते हैं कि इस साल 27 फरवरी से शुरु हो रहा होलाष्टक आठ दिन के बजाय नौ दिन का है। होलाष्टक 27 फरवरी से 7 मार्च तक होगा।
उन्होंने बताया कि ऐसा 27 साल बाद हुआ है कि फाल्गुन मास में एकादशी दो दिन रहेगी। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि 27 फरवरी को सुबह 12.58 से लेकर 28 फरवरी को सुबह 02.21 तक है। उदयातिथि के आधार पर 27 फरवरी को फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन सुबह 06.49 से दोपहर 01.35 तकभद्रा है। फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 06 मार्च को शाम 04.17 से 07 मार्च को शाम 06.09 तक है। उदयातिथि की मान्यतानुसार फाल्गुन पूर्णिमा 07 मार्च को होगी। ऐसे में फाल्गुन पूर्णिमा को होलाष्टक समाप्त हो जाएगा।
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उन्होंने बताया कि होलाष्टक में विवाह कार्य पूर्णतया वर्जित होता है। होलाष्टक के समय में बहू या बेटी की विदाई नहीं करते हैं। होली से पूर्व की 8 तिथियों में शादी का रिश्ता पक्का करने या सगाई जैसे कार्यक्रम नहीं होते हैं। होलाष्टक में गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन या कोई भी शुभ संस्कार या नया कार्य शुरु नहीं करते हैं। होलाष्टक में भवन निर्माण, वाहन, प्लॉट या किसी प्रॉपर्टी को खरीदना या बेचना वर्जित है। अगर आप किसी नई दुकान का शुभारंभ करने वाले हैं तो होलाष्टक से पहले या बाद में करें। होलाष्टक में सोने या चांदी के आभूषण खरीदने से बचें।
उन्होंने बताया कि इस समय में रंगभरी एकादशी, आमलकी एकादशी, प्रदोष व्रत हैं, आप व्रत रखें और पूजन करें। फाल्गुन पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करें। फाल्गुन पूर्णिमा पर स्नान और दान करके पुण्य लाभ प्राप्त करें। होलाष्टक में ग्रह उग्र होते हैं, उनकी शांति के उपाय कर सकते हैं। उनके मंत्रों का जाप कर सकते हैं। होलाष्टक के दौरान भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को मारने के लिए कई प्रकार की यातनाएं दी गई थीं। दूसरा कारण यह भी मानते हैं कि शिव जी के क्रोध से कामदेव के भस्म होने पर उनकी पत्नी रति ने इन 8 तिथियों में पश्चाताप किया था।
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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
उन्होंने बताया कि होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को किया जाता है। पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 06 मार्च को शाम 04 बजकर 17 मिनट से लेकर अगले दिन 07 मार्च को शाम 06 बजकर 09 मिनट तक रहेगी। होलिका दहन 07 मार्च को शाम 4-47 से 6-09 तक किया जाएगा जबकि 08 मार्च को रंग वाली होली खेली जाएगी।
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