साढौरा। वैशाख कृष्णा चतुर्थी 24 अप्रैल से सात जुलाई 2024 तक शुक्र का तारा अस्त रहेगा। इसी दौरान वैशाख कृष्णा चतुर्दशी 7 मई से ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी 31 मई 2024 को गुरु का तारा अस्त रहेगा। इससे विवाह सहित मांगलिक कार्यों पर करीब अढ़ाई माह रोक रहेगी। हालांकि वैशाख शुक्ला तृतीया 10 मई को अबूझ मुहूर्त होने से विवाह करने में दोष नहीं रहेगा। ऐसे ही 23 मई को पीपल पूर्णिमा पर व 15 जुलाई को भड़ली नवमी भी अबूझ मुहूर्त रहेगा।
पंडित डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि सनातन धर्म में शुभ कार्य विशेष मुहूर्त में किए जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में विवाह के लिए कुंडली मिलान व ग्रह नक्षत्रों की सही स्थिति को देखा जाता है। मुहूर्त विशेष में विवाह करने से देवी-देवता, नवग्रहों का आशीर्वाद मिलता है।
विवाह के लिए गुरु व शुक्र तारा का आकाश में उदित होना जरूरी है। यदि ये दोनों तारा, ग्रह अस्त हों तो विवाह नहीं किया जाता। हर साल मई और जून में शादियों के मुहूर्त भरपूर मुहूर्त होते हैं, लेकिन इस बार 2024 में गुरु व शुक्र तारा अस्त होने से नए वर्ष में मई व जून में एक भी विवाह मुहूर्त नहीं है। इसके बाद चातुर्मास होने से चार माह कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। मात्र चार दिन बसंत पंचमी, आखातीज, पीपल पूर्णिमा, भड़ली नवमी व इसके बाद देवउठनी एकादशी पर अबूझ मुहूर्त होने से शादियां हो सकेंगी।
वर्ष 2024 में विवाह मुहूर्त की तिथियां:-
जुलाई : 11, 12, 14, 19, 20, 21, 22, 23, 27, 30, 31
अगस्त : 5, 6, 7, 8, 11, 13, 19, 23, 24, 26, 27, 28
सितंबर : 4, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14
अक्टूबर : 3, 6, 7, 11, 12, 20, 21, 26, 27, 28
नवंबर : 3, 4, 6, 8, 9, 10, 14, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26, 27
दिसंबर : 5, 6, 7, 11