जगाधरी। विद्यार्थियों को एक से दूसरे स्कूल, जिले अथवा प्रदेश में दाखिला लेने के लिए दस्तावेजों को लेकर झंझट नहीं होगा। अब विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक दस्तावेज एक ही क्लिक पर मिल जाएंगे। इसके लिए सभी सरकारी व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की यूनिक आईडी बनाई जाएगी।
इस यूनिक आईडी में विद्यार्थियों को शैक्षणिक, स्कूल के अंतर्गत खेल व अन्य गतिविधियों के सभी दस्तावेज मिलेंगे। शैक्षणिक अलावा दाखिले के आवश्यक तमाम दस्तावेज भी इस यूनिक आईडी में मिल जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बनाई जा रही है।
अपार आईडी में विद्यार्थी के पहली से 12वीं कक्षा के सभी शैक्षणिक दस्तावेज एक क्लिक पर देख जा सकेंगे। वहीं, दाखिले के दौरान इस आईडी का प्रयोग किया जाएगा। आवश्यकता अनुसार आईडी ओपन कर विद्यार्थियों के दस्तावेज देख जा सकेंगे। यह आईडी बनने से विद्यार्थियों को ही नहीं बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों को इसका लाभ होगा। कागज सहित अन्य दस्तावेज संभालने का झंझट से छुटकारा मिलेगा।
यह विद्यार्थियों के दस्तावेजों का एक तरह का डिजिटल लॉकर होगा। जिसके प्रयोग विद्यार्थियों के शैक्षणिक जानकारी पाने के लिए करना बेहद आसान होगा। इस आईडी का प्रयोग किसी भी स्कूल व शिक्षण संस्थान के अधिकारिक पोर्टल पर किया जा सकेगा। यह योजना केंद्र सरकार की ओर से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत योजना चलाई जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से काम शुरू कर दिया गया है।
जिले में करीब 2000 विद्यार्थियों की आईडी बनाई जा चुकी है। जबकि अन्यों की आईडी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इस स्टूडेंट यूनिक आईडी से जिले के करीब 1100 स्कूलों और करीब 1.40 लाख विद्यार्थियों को फायदा होगा। इससे आईडी से विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज व डाटा एक जगह सुरक्षित रहेंगे।
जिले में कुल 999 सरकारी स्कूल हैं। जिसमें 111 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। जबकि प्राथमिक पाठशालों की संख्या 594 और 294 मिडिल स्कूल हैं। इसके अलावा जिले में करीब 150 निजी स्कूल हैं। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कुल संख्या एक लाख 10 हजार है। वहीं, निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 30 हजार है। संवाद
अभिभावकों की अनुमति लेना जरूरी
विद्यार्थियों की इस अपार आईडी विभाग अपनी तरफ से जनरेट नहीं कर सकता है। इसके लिए अध्यापकों को विद्यार्थियों के अभिभावकों से अनुमति पत्र लेना होगा। यही कारण है कि अभी बहुत ही कम विद्यार्थियों की आईडी बन पाई है। अधिकारी व अध्यापक अभिभावकों से संपर्क कर योजना के बारे बताकर अनुमति पत्र ले रहे हैं। इसमें सभी सरकारी व निजी स्कूलों को शामिल किया गया। विभाग की ओर से सभी स्कूल प्रभारियों व प्रबंधन समितियों को इसके बारे में पत्र जारी कर दिया गया है। संवाद
नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जा रही है। यह विद्यार्थियों की यूनिक आईडी होगी। जिसमें उनके पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी शैक्षणिक व योग्यता के दस्तावेज होंगे। अपार आईडी के बनने से विद्यार्थियों के साथ सभी शिक्षण संस्थानों को लाभ होगा। -धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।