यमुनानगर। कपालमोचन मेले से सोमवार को वापसी करते पंजाब सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं ने जगाधरी में रुक कर बर्तनों की खरीदारी की। करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने सुबह आठ से दोपहर बाद तक ऐसा किया, जिससे जगाधरी की गलियों-सड़कों से लेकर एनएच-73ए (जगाधरी-पांवटा) पर दो किमी. तक सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक सात घंटे जाम की स्थिति रही। इस बीच मेले से वापसी करते श्रद्धालुओं के साथ शहरी व अन्य राज्यों के वाहन चालक जाम में फंसे नजर आए।
सुबह 11 से दोपहर दो बजे के बीच हाईवे पर स्थिति ज्यादा बिगड़ गई, इस दौरान मेले से लौटते व अन्य वाहनों का दबाव अधिक हो गया। हालात ये हो गए कि यहां 500 मीटर बार-बार वाहन रेंगते रहे और यातायात नियंत्रण को हाईवे के हर डिवाइडर कट पर चार से छह पुलिसकर्मी लगाने लगाने पड़े। शाम चार बजे के बाद मेले के श्रद्धालुओं के वाहनों सहित लौट जाने पर यातायात की स्थिति कुछ सामान्य हुई।
बता दें कि मेले में आने वाले खासकर पंजाब के श्रद्धालुओं में वापसी के दौरान जगाधरी में रुक कर बर्तन खरीदने का चलन है। इसी के चलते सोमवार को जगाधरी में एनएच-73ए पर जगाधरी बस स्टैंड से सनातन धर्म (मटका) चौक तक बर्तनों की फड़ियां लगी। यहां के अलावा मेले से वापसी करते श्रद्धालुओं ने जगाधरी के रेलवे बाजार, खेड़ा बाजार, देवी भवन बाजार सहित आसपास के बाजारों व गलियों में बनी बर्तन की दुकानों से बर्तन खरीदे। इससे सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक जगाधरी की गलियों-सड़कों से लेकर एनएच-73ए पर रक्षक विहार से सनातन धर्म (मटका) चौक यातायात जाम की स्थिति रही।
मिलिट्री ग्राउंड में चहारदिवारी होने से हाईवे किनारे खड़े करने पड़े बसें व अन्य वाहन
हाईवे पर जाम की एक वजह मिलिट्री ग्राउंड की चहारदीवारी होना भी रही। जहां पहले मेले से वापसी में जगाधरी रुक कर बर्तन खरीदने वाले श्रद्धालुओं के बसें व अन्य वाहन खड़े होते थे। यहीं पर लंगर पंडाल भी लगते थे। किंतु मिलिट्री ग्राउंड की चहारदीवारी होने से सोमवार को हाईवे किनारे ही सैकड़ों बसें व अन्य वाहन खड़े हुए और लंगर पंडाल भी हाईवे किनारे ही लगाए गए। जिससे साथ में हाईवे के रास्ते यातायात जाम की स्थिति रही।
दिवाली की रही कसर मेले से पूरी
बर्तन व्यापारी गुरदीप सिंह ने बताया कि जगाधरी के बर्तन उद्योग के लिए दिवाली कमाई का मौका होता है, किंतु इस बार दिवाली पर बिक्री की रही कसर मेले से पूरी हो गई। जगाधरी में रुककर मेले से वापस लौटते श्रद्धालुओं ने लाखों रुपये के बर्तन खरीदे। इसके लिए माहभर पहले से व्यापारियों ने बर्तन तैयार कर लिए थे। उम्मीद मुताबिक ही इस बार मेले में बर्तनों की बिक्री हुई।
सबसे ज्यादा इन बर्तनों की खरीद
श्रद्धालुओं ने चम्मच से लेकर बड़े टब तक खरीदे, लेकिन सबसे ज्यादा खरीद लोटा, परात, बाल्टी, पतीली, कटोरी सेट, गिलास सेट, जग, च मच सेट, डिनर सेट, प्लेट सेट की हुई। संगरूर से आई सुखजीत व सिमरजीत कौर ने बताया कि अगले माह उनके यहां पर बेटी की शादी है, इसलिए उसने मेले में से उसके लिए डिनर सेट खरीदा है। भटिंडा से आई नवलप्रीत कौर व सुरेंद्र कौर का कहना है कि उन्होंने मेले में से प्लेट व कटोरियों का सेट खरीदा है। जिसे वे अपने घर पर इस्तेमाल करेंगी। लुधियाना से आए विक्रम सिंह व अमरप्रीत कौर का कहना है कि उन्होंने चम्मच सेट तथा कटोरी सेट की खरीदारी की है। मान्यता है कि मेले में से बर्तनों की खरीददारी करने से पूरे साल घर में सुख समृद्धि का वास रहेगा।