बिलासपुर। खंड के गांव रणजीतपुर की प्राइमरी पाठशाला में तीन माह से कोई भी अध्यापक न होने से स्कूल में कार्यरत अनपढ़ मिड डे मील वर्कर स्कूल में पढ़ाई करने वाले 34 बच्चों की पढाई का जिम्मा उठा रहीं हैं। पिछले तीन महीने से स्कूल में अध्यापक नहीं होने से स्कूल में बच्चे सुबह आठ बजे से ढाई बजे तक मिड डे मील खाकर व खेलकर अपने घर चले जाते हैं।
अभिभावक रमेश कुमार, शालू, सुनीता, अनु, नसीब, सलीम, देवेंद्र, फिरोज खान ने बताया कि वह तीन महीने से स्कूल में कोई भी अध्यापक नहीं हैं, उन्होंने बताया कि दो अध्यापक थी एक तबादला हो गया था। दूसरे को पास के गांव भट्टूवाला के स्कूल में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि भट्टूवाला गांव के स्कूल में केवल 11 बच्चे हैं जबकि उनके स्कूल में 34 बच्चे पढ़ते हैं। तीन महीने से स्कूल में एक भी अध्यापक न होने से उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा हैं। वे कई बार इस बारे शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से भी स्कूल में अध्यापक भेजने की गुहार लगा चुके हैं। मिड डे मील वर्कर मुमताज व भागवती ने बताया कि वीरवार के काठगढ स्कूल से एक टीचर को भेजा गया था, लेकिन आज वह भी नहीं आई। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन समय पर मिड डे मील बनाकर बच्चों को खिला रही हैं और कक्षा में बच्चों को बैठाकर रखतीं हैं। अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल में एक दो दिन तक अध्यापक न भेजा गया तो वह स्कूल को ताला लगा देंगे।