जगाधरी। आर्थिक कमजोर विद्यार्थियों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए निजी स्कूल में पढ़ाने के लिए शुरू की गई चिराग योजना अंधेरे में है। नया सत्र शुरू होने को है। अभी तक इस योजना का खाका ही तैयार नहीं हो पाया है। हालांकि शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन निजी स्कूल इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं। शिक्षा निदेशालय के पत्र के बाद भी निजी स्कूलों ने अभी तक अपनी सीटों का ब्योरा नहीं दिया है। जबकि विभाग की ओर से निजी स्कूलों को चिराग योजना का दाखिला शेड्यूल दिया गया है लेकिन स्कूलों ने अपनी सीटों का ब्योरा तक नहीं दिया है। जबकि चिराग योजना के तहत दाखिला लेने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। जिसमें 23 से 31 मार्च तक पांच छुट्टियां हैं। ऐसे में यह योजना एक बार फिर लटकती नजर आ रही है।
पिछले साल भी स्कूलों ने इसी तरह चिराग योजना के तहत अपनी सीटों का ब्योरा नहीं दिया था। जिसके चलते दाखिलों में काफी विलंब हुआ है। देरी से ब्योरा देने के कारण अक्तूबर तक विद्यार्थियों के दाखिले हुए थे। विभाग योजना के शेड्यूल के अनुसार दाखिले करना चाहता है। लेकिन अभी चिराग योजना व शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत दाखिले को लेकर निजी विद्यालयों ने सीटों का ब्योरा नहीं दिया है। अभिभावकों ने मौलिक जिला शिक्षा विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ निजी स्कूलों ने अपने दाखिले शुरू कर दिए हैं। अभिभावक मोहित, भावना, दीपक ने बताया कि निजी स्कूल में दाखिला करवाने के बाद यदि बच्चे का नाम योजना में आता है तो स्कूल प्रबंधक फीस नहीं लौटाते हैं। चिराग योजना के तहत निजी स्कूलों को छठी से 12वीं तक की सीटों की जानकारी देनी होती है।
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निजी की मनमानी, विभाग कार्रवाई शून्य
पिछले साल भी निजी स्कूलों ने चिराग योजना के तहत निजी स्कूलों से ब्योरा मांगा था। परंतु स्कूलों ने इसमें काफी देरी की। स्कूलों ने पहले अपने दाखिले पूरे किए और फिर विभागीय सख्ती के बाद सूचना दी। जिसके चलते अक्तूबर तक चिराग योजना के तहत दाखिले किए गए। वहीं योजना में नंबर पड़ने वाले विद्यार्थियों की फीस भी लौटाई नहीं गई। निजी स्कूलों की मनमानी इसी तरह चल रही है, लेकिन विभाग की कार्रवाई शून्य है।
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वर्जन
चिराग योजना के अंतर्गत सभी निजी विद्यालयों को निर्धारित सीटों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय की ओर से भी इस संबंध में गाइडलाइन जारी की गई है। योजना को लेकर जो निर्देश मिलेंगे, जिले में उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि इसमें स्कूल मनमानी करेंगे तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मेंद्र चौधरी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।