संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम शहर की सड़कों को कब्जा मुक्त नहीं करा पाया है। हर तरफ जाम ही जाम मिलेगा। इसका मुख्य कारण सड़कों पर अतिक्रमण। हालांकि अतिक्रमण हटाने के लिए निगम की तरफ से योजना भी बनाई गई और अभियान भी चला, लेकिन फिर से सड़कों पर वही अतिक्रमण है।
रादौर रोड की बात करें तो यहां के हालात सबसे ज्यादा बदतर हैं। यहां वाहन लेकर निकलना तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इस रोड पर व्यवस्था के सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शाम के समय हालात ज्यादा खराब हो जाते हैं। सड़क पर रेहड़ियां व दुकानदारों का सामना होता है। रही कसर वाहन चालक अपने वाहनों को सड़कों पर खड़ा करके पूरी कर देते हैं। इस दिशा में प्लानिंग तो की जाती है लेकिन वह फाइलों तक सीमित रह जाती है।
शहर के रेलवे रोड की बात करें तो शहीद भगत सिंह चौक से लेकर रेलवे स्टेशन चौक तक सड़क के दोनों छोर अतिक्रमण की भरमार है। दुकानदारों ने दुकानों को गोदाम और सड़क को दुकान बना दिया है। इस प्रकार के हालात रोजाना इसी रोड पर देखने को मिल जाएंगे। यहां की सड़क की चौड़ाई की बात करें तो दोनों तरफ करीब 30 से 40 फीट है। लेकिन अतिक्रमण के चलते ये ही सड़कें 10-10 फीट की रह जाती हैं।
परवालों के शिव कुमार, मांगेराम, हरबंस, फतेहपुर के दिलशाद, दड़वा के रजत, दिलीप आदि ने बताया कि शहर में अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या आम बात हो गई है। बाजार में अतिक्रमण के चलते लगने वाला जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने लगा है। इससे लोग घंटों जाम में फंसे रहते है यहां तक कि एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के निकलने का रास्ता तक नहीं मिलता।
अतिक्रमण हटवाने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। जिन लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है, पहले उन्हें चेतावनी दी जाएगी, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। -आयुष सिन्हा, निगमायुक्त, यमुनानगर।