गांव के ही गैर जातीय युवक से प्रेम विवाह करने वाले युवक पर जानलेवा हमला
कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। युवक के परिजनाें का आरोप है कि
शादी के बाद ही पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी।
लेकिन पुलिस ने इसे
गंभीरता से नहीं लिया। लड़के के परिजनों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से
सुरक्षा की गुहार लगाई है। बिलासपुर खंड के शाहपुर गांव में रहने वाले
रंजीत सिंह ने गांव की युवती परविंद्र कौर से पिछले वर्ष नवंबर माह में
प्रेम विवाह किया था। लड़की के परिजन और कुछ अन्य गांव वाले इस शादी के
खिलाफ थे।
25 जनवरी को गांव के 10-15 लोगों ने रंजीत सिंह के घर पर हमला कर
दिया। उस समय घर पर रंजीत सिंह, उसके पिता अमृत सिंह और चाचा जसबीर सिंह
मौजूद रहे। हमलावरों ने तीनों पर सरियों और डंडों से वार कर उन्हें घायल कर
दिया। रंजीत सिंह के सिर में गहरी चोट लगी और हाथ में फैक्चर हो गया।
रंजीत सिंह को काफी अधिक चोटें लगने पर परिजन उसे ट्रामा सेंटर ले आए।
रंजीत सिंह के परिवार का कहना है कि गांव में उनकी जान को खतरा है।
पुलिस ने बचने के लिए घर में रहने की दी सलाह
रंजीत
सिंह ब्राह्मण सिख है, जबकि परविंद्र कौर बाडी सिख है। प्रेम विवाह करने
के बाद माननीय हाईकोर्ट ने इस जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने के आदेश जारी
किए थे। इसके बाद परिजनाें ने 30 नवंबर को बिलासपुर थाने में सुरक्षा
मुहैया कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। रंजीत के परिजनाें का कहना है कि
पुलिस ने उन्हें प्रेमी जोड़ों के लिए बनाए गए सेफ हाउस भेजने की बात कही।
परविंद्र कौर के पेपर होने के कारण परिजन उन्हें सेफ हाउस में भेजने को
राजी नहीं हुए। इस पर पुलिस ने दोनों को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने में
असमर्थता जताई। पुलिस ने उनके घर पुलिस कर्मचारियों के चक्कर लगाते रहने की
बात कही, लेकिन कोई भी घर नहीं पहुंचा। 25 जनवरी को जब रंजीत सिंह और
परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला हुआ तो उसके बाद भी परिजनों ने थाने जाकर
सुरक्षा मांगी, लेकिन पुलिस ने जवाब दिया कि यदि कोई हमला करता है तो घर के
दरवाजे बंद कर भीतर ही रहो।