उप निदेशक कृषि कार्यालय के एक अधिकारी पर महिला कर्मी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि अधिकारी लड़कियों को नौकरी लगवाने के नाम पर, मन पसंद ब्लाक में ड्यूटी लगाने, ड्यूटी पर न आने का प्रलोभन, उनके पद की स्वीकृति न मंगवाने का डर, रजिस्टर्ड में गैर हाजिरी लगाकर दूसरे कार्य में ड्यूटी लगाकर व न चाहने वाले स्टेशन पर भेजने का डर दिखाकर ब्लैक मेल करता है। जो लड़की जाल में फंस जाती है उसका यौन शोषण करता है। इतना ही नहीं अपने साथी कर्मियों को भी यौनाचार के लिए बाध्य करते है। कुछ लड़कियां परेशान होकर काम छोड़ चुकी है। महिला कर्मी ने यह शिकायत गृहमंत्री को भेजी। गृह मंत्री से होती हुई यह शिकायत एसपी के पास पहुंची। एसपी ने इसे महिला थाना डीएसपी को भेज दी।
शिकायत मिलते ही डीएसपी सुरेंद्र कौर ने उप निदेशक कृषि कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने डीडीए सुरेंद्र सिंह यादव व स्टाफ से बातचीत की। देर शाम तक पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी।
कार्यालय की एक महिला कर्मी ने गृहमंत्री को भेजी शिकायत में कहा गया है कि सरकार महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध को लेकर सजग है। फिर भी उप कृषि निदेशक कार्यालय में घिनौने कार्य हो रहे है। कृषि विभाग में करीब 12 लड़कियां काम करती है। जिनमें से कुछ अप्रैंटिस पर है, कुछ एजेंसी, सक्षम व डीसी रेट पर कार्यरत है। इन सभी लड़कियों को यह अधिकारी मन पसंद ब्लाक में ड्यूटी लगाने, ड्यूटी पर न आने का प्रलोभन, उनके पद की स्वीकृति न मंगवाने का डर, गैरहाजिरी लगाकर दूसरे कार्य में ड्यूटी लगाकर व न चाहने वाले स्टेशन पर भेजने का डर दिखाकर ब्लैक मेल करता है। इस दौरान आरोपी के जाल में जो लड़की फंस जाती है, आरोपी उसका यौन शोषण करता है। इतना ही नहीं अपने और चहेतंों के साथ यौनाचार के मजबूर करता है। उसने परेशान होकर यह चिट्टी लिखी है।
शिकायत में महिला ने कहा कि मुझे ऐसा भी लग रहा है कि जब तक मामले में कार्रवाई होगी, तब तक मेरी नौकरी जा चुकी होगी। बहुत सी लड़कियां इसका शिकार हो चुकी है। इसने शौचालय में एक कैमरा लगा रखा है। जिससे वह लड़कियों की वीडियो बनाता है और उसे वायरल करने की धमकी देता है। इस अधिकारी की पैठ कृषि कार्यालय में है और कृषि मंत्री के कार्यालय में भी है। जल्दी से इस अधिकारी पर कोई हाथ नहीं डालता।
शिकायत में महिला ने कहा कि पूर्व में एक लड़की ने नवंबर 2019 को शिकायत की थी। तब भी मामला रफा दफा कर दिया गया था। उसकी सेवा भी समाप्त कर दी गई थी। वो लड़की इस संबंध में एक मंत्री से भी मिली थी। तब उस अधिकारी ने उस लड़की को कहा था कि मंत्री भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाए। करनाल में भी इस अधिकारी पर घपले का आरोप है, तभी इसका यहां तबादला हुआ था।
शिकायत में उसने कहा कि वह ऐसी लड़कियों को जानती है, जिनको नौकरी का झांसा देकर उसने अपनी हवस का शिकार बनाया। परंतु बदनामी के डर से वह उनका नाम नहीं लिख सकती। वह किसी लड़की का पूरा नाम और पता इसलिए नहीं बताना चाहती ताकि इसकी कोई तस्वीर वायरल न कर दी जाए। जो भी शिकायत में लिखा है उसका एक एक शब्द सच है। यह शिकायत उसने आत्मा के आंसुओं से लिखी है। उसे पता है कि जब तक उसकी शिकायत पर कार्रवाई होगी, तब तक उसकी नौकरी जा चुकी होगी।
आरोपी अधिकारी का कहना है कि मेरा आचरण व व्यवहार स्टाफ बेहतर बता सकता है। इसलिए वह थाना में उसके साथ खड़ा है। मैने कोई गलत काम नहीं किया है। मैं पूरी इमानदारी से ड्यूटी कर रहा है। मेरे को बदनाम करने की साजिश रची गई है।