संवाद नयूज एजेंसी
यमुनानगर। कैल में 18 करोड़ 74 लाख रुपये से बनाया गया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अधिकारियों की अनदेखी की वजह से खंडहर में तब्दील होने लगा है। प्लांट के लिए जो भवन बनाया गया था वह अब क्षतिग्रस्त हो गया है। प्लांट में कूड़े की जांच के लिए जो लैब बनाई गई थी उस पर दरवाजा तक नहीं है। करोड़ों रुपये की मशीनरी की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। सुरक्षाकर्मी न होने से भवन से दरवाजे, खिड़कियां सब चोरी हो चुका है। शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष-2012 में 18.74 करोड़ रुपये से कैल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराया था। प्लांट का उद्घाटन करने के दौरान बड़े-बड़े दावे नेताओं व अधिकारियों ने किए थे। नतीजा यह हुआ कि प्लांट कुछ दिन चला और फिर बंद हो गया। प्लांट नहीं चलने के कारण इसमें कूड़े के ढेर लग गए।
कुछ साल पहले ही यह प्लांट चला था। परंतु अनदेखी की वजह से यह खुद ही कबाड़ होने चला है। प्लांट में कूड़े की तुलाई के लिए जो डिजिटल कांटा लगाया गया था वह भी खराब पड़ा है। कूड़े की तुलाई पहले साथ लगते दूसरे प्लांट में की जाती है और फिर वाहन इसमें आकर कूड़ा डालते हैं। कांटे के साथ ही जो भवन बनाया गया था उसमें से दरवाजे, खिड़की, बिजली का सामान, नल समेत सारा सामान चोरी हो चुका है।
उद्घाटन के वक्त कहा गया था कि इस भवन में एक लैब भी बनाई गई है। इस लैब में कूड़े की जांच की जाएगी। जिससे यह पता चलेगा कि कूड़े में किस तरह के केमिकल ज्यादा मिल रहे हैं। इसके कमरे के बाहर उस दौरान जो लैब शब्द लिखा था अब केवल वही रह गया है।
प्लांट में लगा कूड़े का ढेर
प्लांट के अंदर करोड़ों रुपये की मशीनरी लगी है। इसी मशीनरी से कूड़े की छंटाई होती है। इसमें विभिन्न प्रकार के कूड़े को अलग-अलग किया जाता है। मशीनरी के काफी पार्ट चोरी हो गए हैं। अब प्लांट में कूड़ा निस्तारण का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। श्री श्याम एसोसिएट समय पर कूड़े का निस्तारण नहीं कर पाई इसलिए अब इसमें करीब 22 हजार मीट्रिक टन कूड़े का पहाड़ बन चुका है। यमुनानगर-जगाधरी से रोज 250 से 280 मीट्रिक टन कूड़ा निकल रहा है।
कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्लांट की कमियों को दूर किया जाएगा। भवन की मरम्मत करवा कर जल्द ही इसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। प्लांट में कूड़ा निस्तारण का कार्य भी जल्द पूरा हो जाएगा। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
कैल स्थित प्लांट में जर्जर हुआ भवन। संवाद