जगाधरी। हत्या के दोषी तीन लोगों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रितू गर्ग की कोर्ट ने उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में कोर्ट ने चार लोगों को मारपीट का दोषी करार देते हुए एक-एक साल की सजा तथा 500-500 रुपये जुर्माना लगाया है। कोर्ट में करीब सवा साल तक चली सुनवाई के दौरान 17 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत वीरवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
पुलिस के अनुसार जठलाना पुलिस को गांव नहारपुर निवासी रामपाल ने दी शिकायत में कहा कि 13 जनवरी 2013 को वह गांव में एक दुकान पर सामान खरीदने के लिए जा रहा था। इस दौरान रास्ते में गांव के धनीराम, सुभाष तथा पवन ने उसे रोक लिया और उसके साथ कहासुनी शुरू कर दी। विरोध करने पर वे उसके साथ गाली गलौच करने लगे। इसके बाद वह किसी तरह से उनसे छूटकर अपने घर पहुंच गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक धनीराम, सुभाष, पवन, अंगुरी देवी, रजनी देवी, टोनी तथा राजेश कुमार उसका पीछा करते हुए उसके घर पहुंच गए।
यहां पर उन सभी ने उस पर डंडों और तेजधार हथियार से हमला कर दिया। मारपीट के बाद वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसी बीच किसी ने इस घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी। सूचना मिलने पर उसका भाई राम सिंह तथा परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। इससे वहां पर पड़ोसियों की भीड़ एकत्रित हो गई और उन्होंने किसी तरह से उन्हें हमलावरों के कब्जे से छुड़वाया। इस हमले में रामपाल, राम सिंह तथा परिवार के दो लोगों को गंभीर चोटें आई। सभी घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर चिकित्सकों ने रामसिंह की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान राम सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सरकारी वकील रजनीश रायजादा ने बताया कि न्यायधीश रीतू गर्ग ने धनीराम, सुभाष तथा पवन को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्र कैद तथा 20-20 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि अंगुरी, रजनी, राजेश तथा टोनी को मारपीट का दोषी पाए जाने पर एक-एक साल की कैद तथा 500-500 रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है।