The team reached the school on the information of suspected case of hand foot mouth disease
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जगाधरी। सेक्रेड हार्ड कॉन्वेंट स्कूल जगाधरी के कुछ बच्चों में हैंड फुट माउथ डिजीज बीमारी के संदिग्ध केस मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल में पहुंच गई। डाक्टरों ने बच्चों की जांच की तो वहां न तो हैंड फुट माउथ डिजीज और न ही मंकीपॉक्स के कोई लक्षण मिले। एहतियात के तौर पर डाक्टरों ने स्कूल की प्रिंसिपल से बच्चों को होम आइसोलेट किए जाने की सलाह दी।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ. वागीश गुटैन जिला निगरानी अधिकारी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पारूल वशिष्ठ और एपिडेमियॉलोजिस्ट नेश शर्मा, सेक्रेड हार्ड कॉन्वेंट स्कूल जगाधरी पहुंचे। टीम ने बीमार बच्चों की जानकारी जुटाई। जांच में पाया गया कि जिन बच्चों के शरीर पर दाने मिले हैं वे हैंड फुट माउथ डिजीज से पीड़ित नहीं हैं। गर्मी और बरसात के कारण बच्चों के शरीर पर दाने हो गए हैं, फिर भी एहतियात के तौर पर उन बच्चों को सात दिन के लिए होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई।
डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि हैंड फुट माउथ डिजीज बीमारी वायरस के कारण होती है। पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में ज्यादा होने का खतरा रहता है, लेकिन यह बड़े बच्चों और वयस्कों में भी हो सकती है। यह सामान्य तौर पर बुखार से शुरू होती है। भूख कम लगती है, एक या दो दिन के बुखार के बाद गले में दर्द के साथ खराश होती है। मुंह या जीभ पर छाले होना, हथेली और पांव के तलवों पर लाल दाने और घाव होने लगते हैं। यह आवश्यक नहीं है कि सभी मरीजों में ये सारे लक्षण सामने आएं। ऐसा भी हो सकता है कि बीमार व्यक्ति में केवल गले में खराश और त्वचा पर लाल चकत्तेे ही आएं।