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Yamuna Nagar News: शुगर मिल में 160 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य

Tue, 12 Nov 2024 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सरस्वती शुगर मिल में गन्ने की पेराई 12 नवंबर से शुरू होगी। शुभारंभ आज सुबह साढ़े आठ बजे मशीनरी में गन्ना डाल कर किया जाएगा। साथ ही मिल में सबसे पहले गन्ना लेकर आने वाले किसानों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस बार 160 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य रखा है।
मिल के चलने से यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अंबाला के करीब 21147 गन्ना उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी। गत वर्ष शुगर मिल 31 अक्तूबर को चला था। मिल पहले चलने से किसान गन्ने की कटाई जल्द करके खाली खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकेंगे। हरियाणा सरकार ने गत वर्ष गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था। 157 दिनों तक चली मिल में केवल 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने कीपेराई हो सकी थी।
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शुगर मिल में यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अंबाला के गन्ना उत्पादक किसान गन्ना डालते हैं। इनमें सबसे ज्यादा यमुनानगर में 18999 किसान, अंबाला में 1401 व कुरुक्षेत्र में 747 गन्ना उत्पादक किसान हैं। इस वर्ष शुगर मिल द्वारा सरस्वती गन्ना किसान पंजीकरण योजना शुरु की गई है। जिसमें अपना सारा गन्ना मिल में सप्लाई करने वाले किसानों को कई प्रकार की सुविधाएं देने का प्रावधान रखा गया है।
अपना गन्ना शुगर मिल में सप्लाई करके किसान मिल की योजनाओं लाभ उठा सकेंगे। शुगर मिल में इस बार 160 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य रखा है। गन्ने की खरीद के लिए मिल मैनेजमेंट ने 45 खरीद केंद्र बनाए हैं। किसान अपना गन्ना ट्रालियों के माध्यम से खरीद केंद्रों पर डालेंगे। खरीद केंद्र से शुगर मिल अपने वाहनों में गन्ने को मिल तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा किसान सीधे शुगर मिल में भी गन्ना डाल सकेंगे।
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टोकन प्रणाली की है शुरू : डीपी सिंह
मिल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (केन) डीपी सिंह ने बताया कि मंगलवार से सरस्वती शुगर मिल शुरू हो रहा है। पूजा अर्चना के साथ शुगर मिल शुरू होगा। इस दौरान शुगर मिल में गन्ना लेकर आने वाले किसानों को भी सम्मानित किया जाएगा। किसानों को यार्ड में कम से कम समय लगे इसके लिए मिल द्वारा एडवांस टोकन प्रणाली लागू की गई है। जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार स्वयं टोकन नंबर व लाइन ले सकते हैं ताकि कम से समय में गन्ना सप्लाई कर सके।
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