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Yamuna Nagar News: संघर्ष लाया रंग, कैंप के सीबीएसई स्कूल में होंगे हिंदी माध्यम के दाखिले

Thu, 18 Apr 2024 05:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। आठवीं के बाद दाखिला न मिलने के कारण पढ़ाई से वंचित जम्मू कॉलोनी, ममीदी के विद्यार्थियों व अभिभावकों का संघर्ष आखिर रंग ले ही आया। अब हरियाणा बोर्ड के विद्यार्थियों का दाखिला कैंप के इसी सरकारी स्कूल में होगा। विद्यार्थी अपनी इच्छा के अनुसार अंग्रेजी व हिंदी माध्यम में दाखिला ले सकते हैं। कई दिनों से कैंप, जम्मू कॉलोनी, ममीदी सहित आसपास की कॉलोनियों के बच्चे दाखिले के लिए धक्के खा रहे थे। कैंप स्कूल की प्राचार्या सीबीएसई होने का हवाला देकर बच्चों को दाखिला नहीं दे रही थी। वहीं अंग्रेजी माध्यम में सभी सीटों का हवाला देकर लोगों को टरकाया जा रहा था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने इसमें कड़ा रूख अपनाया है।
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जानकारी के अनुसार जम्मू काॅलोनी, ममीदी व आसपास के अन्य क्षेत्रों से करीब 150 बच्चों ने आठवीं पास की है। केवल जम्मू कॉलोनी में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 75 से ज्यादा है। आठवीं पास करने वाली 17 में से मात्र चार लड़कियों ने कई किलोमीटर दूर औरंगाबाद में मजबूर होकर दाखिला लिया है। जबकि अन्य 13 लड़कियों अभी तक घर ही बैठीं हैं। बुधवार को अधिकारी कैंप के स्कूल पहुंचे और जांच की। पता चला कि स्कूल में 2500 से 3000 विद्यार्थी बढ़ सकते हैं। अभी केवल 1850 विद्यार्थी हैं। यह स्कूल दो शिफ्ट में चलता है और दो सत्र में कुल 1850 विद्यार्थी हैं। बावजूद इसके प्राचार्या जानबूझकर लोगों को गुमराह कर रही थीं। बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य स्कूल पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने प्राचार्या को जमकर फटकार लगाई और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी। यह सिलसिला तीन साल से चल रहा है। अब शिक्षा विभाग इसका सर्वे करवा रहा है कि तीन साल में क्षेत्र से आठवीं करने वाले विद्यार्थियों ने दाखिला कहां लिया है। कितने बच्चे इस कारण पढ़ाई छोड़ चुके हैं या निजी स्कूल में चले गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने वीरवार से इस स्कूल में विद्यार्थियों का दाखिला करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीईओ की ओर से वॉलंटियर्स भी लगाए गए हैं, ताकि दाखिले में परेशानी न हो।
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जिम्मेदारी से बचने के लिए प्राचार्या कर रही थी गुमराह
निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि कैंप स्कूल की प्राचार्या उषा नागी लोगों को परेशान कर रही थीं। जितनी बार भी अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंचे तो प्राचार्या ने दाखिला देने से मना कर दिया। प्राचार्या उषा नागी ने कहा कि यहां केवल सीबीएसई के लिए दाखिला होगा। जब सीबीएसई में दाखिला करने को अभिभावक ने मांग की तो सीटें फुल होने की बात कह उन्हें भेज दिया। कई दिनों से स्कूल में यही सब चल रहा था। परंतु बुधवार को जब टीम ने पहुंचकर जांच की तो पता चला प्राचार्या लोगों को गुमराह कर ही हैं। जब जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्या को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने यहां तक प्राचार्या को कह दिया कि उनकी ऐसी कार्यशैली के खिलाफ उन्हें कार्रवाई के लिए लिखना पड़ेगा।
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2500 की क्षमता, अभी कुल 1300 विद्यार्थी

उपजिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान ने कहा कि कैंप का स्कूल बहुत पुराना और काफी बड़ा है। क्षेत्र की आबादी के अनुसार ही यह स्कूल बनाया गया था। इस स्कूल की 2500 विद्यार्थियों की क्षमता है। जबकि इसे 3000 तक आसानी से बढ़ाया जा सकता है, चूंकि जगह काफी है, कमरे बड़े बड़े हैं। स्कूल दो शिफ्ट में चल रहा है। अभी दोनों शिफ्ट में 1850 विद्यार्थी हैं। इसके बाद भी प्राचार्या बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा था। अधिकारियों ने पहुंचकर जांच की तो पाया कि इसमें 2500 से 3000 विद्यार्थी आसानी से पढ़ सकते हैं। जबकि मंगलवार तक प्राचार्या उषा नागी 1300 से ज्यादा विद्यार्थी ही रखने की बात अपनी मर्जी से बोल रही थीं।



वर्जन

कैंप के स्कूल में ही आठवीं पास विद्यार्थियों का दाखिला होगा। इस स्कूल में अंग्रेजी हिंदी दोनों माध्यम हैं। प्राचार्या को इसके लिए सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग आठवीं के बाद ड्रॉप आउट बच्चों के लिए सर्वे करवाएगा। ऐसे बच्चों को वापस स्कूल लाने का प्रयास किया जाएगा। शिकायत पर प्राचार्या के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सुमन बहमनी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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