फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह घंटे रुक-रुककर हुई बारिश

Tue, 01 Jul 2014 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार अलसुबह से रुक-रुककर करीब छह घंटे हुई बारिश से एक ओर सड़कों के लबालब होने से वाहन चालकों को परेशानी हुई, उधर धान रोपाई में लगे किसानों के चहरे खिल उठे।
विज्ञापन


कृषि विशेषज्ञों की मानें तो धान की रोपाई के समय बारिश होना फसल उत्पादकों के लिए फायदेमंद साबित होगा। उधर मौसम विभाग की जानकारी की अनुसार अगले दो दिन भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर बारिश होने के आसर हैं।

यानि अब लोगों को गर्मी और धान उत्पादकों को फसल की सिंचाई के काम में राहत मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि सोमवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बारिश के आसार बने रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। जबकि लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा।

लेकिन मंगलवार अलसुबह करीब छह बजे से जिले में ट्विनसिटी यमुनानगर/जगाधरी सहित सभी कस्बों में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो करीब 11 बजे तक जारी रही।

इस छह घंटे की बरसात से जहां लोगों ने उमसभरी गर्मी से राहत महसूस की वहीं, ट्विनसिटी में कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब हो गईं।

यमुनानगर में दशमेश कॉलोनी, आजादनगर में जलभराव की स्थिति बन गई और शहर के मॉडल टाउन, मॉडल कॉलोनी में कई सड़कों पर पानी खड़ा हो गया।

जगाधरी में भी बूड़िया चौक से बूड़िया चौकी मार्ग, टाउन हाल मार्ग के बीच काफी मात्रा में बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। जिससे दिनभर वाहन चालकों के साथ दुकानदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


69 हजार एकड़ में हो रही धान की रोपाई: बता दें कि जिले में इस बार 69 हजार एकड़ में धान की रोपाई का काम चल रहा है। जिसमें से 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, इस बीच बारिश के आने पर धान उत्पादकों के चहरे खिल गए हैं।

किसान रामेश्वर, महेश, अरविंद्र ने बताया कि धान की फसल के लिए बहुत अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में रोपाई के समय ही झमाझम बरसात से धान उत्पादक किसानों में खुशी की लाहर दौड़ गई है।

डॉ. बीआर कांबोज, कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि चूंकि धान की फसल की सिंचाई के लिए दूसरी फसलों से अधिक मात्रा में पानी की अवश्यकता पड़ती है।

इसलिए इसमें कोई दो राय नहीं कि धान की रोपाई के समय बारिश फसल उदपादकों के लिए लाभदायक होगी। धान ही नहीं इस समय अन्य फसलों के लिए भी यह बारिश काफी फायदेमंद साबित होगी।

बारिश ने दी गर्मी से राहत

जठलाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश से किसानों के मुरझाए चेहरे खिल उठे हैं। वहीं बारिश होने से आम आदमी को गर्मी से राहत मिली है।

बारिश होने से क्षेत्र के किसान धान की फसल की रोपाई करने में जुट गए हैं। बारिश के कारण किसानों की गन्नें, धान, चेरी की फसल लहला उठी हैं।

जबकि बारिश के कारण क्षेत्र के सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुक्सान हुआ है। रादौर क्षेत्र के किसान सुखबीर ढांडा, मांगेराम कंडरौली, महिंद्र फतेहगढ, छज्जूराम, रतनलाल ने कहा कि मंगलवार को हुई बारिश से किसानों को भारी लाभ मिला है।

बारिश होने से किसानों ने अपनी धान की फसल की रोपाई करनी शुरू कर दी है। बारिश होने से किसानों को बिजली की कम वोल्टेज की समस्या से भी निजात मिलेगी।

उधर, सब्जी उत्पादक किसान पवन कुमार, नरेश कुमार, संजय कुमार, रमेश सिंह ने बताया कि बरसात से टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है। बरसात के कारण खीरा, शिमला मिर्च, भिंडी, टमाटर, गोबी, करेला औ अन्य सब्जी की फसलें भी खराब हो गई है।

बारिश से कस्बे में आफत, किसानों को राहत
बिलासपुर। मंगलवार को हुई बारिश ने जहां तपती गर्मी से राहत मिली। हालांकि यह बारिश की फसल के लिए पर्याप्त नहीं है। आधी रात से रुक-रुककर हो रही बारिश ने दोपहर तक मौसम सुहाना कर दिया।

कस्बे में बारिश के कारण सड़कों पर पानी और कीचड़ फैल गया। कस्बे के काली माता मंदिर, अग्रसेन चौक, कपाल मोचन, थाना परिसर के सामने, विश्राम गृह और प्राथमिक स्वास्थ्य मार्ग की ओर जाने वाले मार्गों पर पानी और कीचड़ होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लगभग सुबह नौ बजे तक तेज बारिश ने लागों को गर्मी से राहत प्रदान की। सड़कों पर भरे पानी ने कस्बा बिलासपुर में पानी की निकासी की पोल खोल दी।

सुबह शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंड की ओर जाने वाले लोगों और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं किसान
को इस बारिश से थोड़ी राहत  मिली है लेकिन यह बारिश उनकी फसलों के लिए पर्याप्त नहीं है।

किसान पवन भसीन, विश्वास शर्मा, जंगशेर सिंह, अशोक कुमार, अमरीक सिंह का कहना है कि मानसून की देरी के कारण भूमि में पानी का स्तर बीस से तीस फुट नीचे चले जाने के कारण के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

थम सकती है विकास कार्यों की रफ्तार

यमुनानगर में मानसून ने दस्तक दे दी है। विकास कार्य पूरे करने की बात आदेशों तक ही सिमट कर रह गई और जिस बात का डर था वही हुआ।

मंगलवार को जिले में करीब छह घंटे रुक-रुककर हुई बारिश को मौसम विशेषज्ञों ने मानसून की दस्तक बताया। मौसम के बदले तेवर को देख जिले के विकास कार्यों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की बेचैनी बढ़ने लगी है।

जिले के अधिकतर विकास कार्य टेंडर प्रकिया में अटके हैं। जबकि कई कार्य शुरू होने के बाद भी अधर में हैं। जिला प्रशासन ने मानसून से पहले कार्य पूरे करने के आदेश दे रखे हैं।

इन कार्यों के लिए लंबा इंतजार

नगर निगम यमुनानगर/जगाधरी की ओर से बीती 14 जून को 203 विकास कार्यों के लिए टेंडर मांगे थे। जिनकी बिड करने की अंतिम तिथि 19 जून थी।

लेकिन किसी भी ठेकेदार ने कार्यों के लिए कोई आवेदन नहीं किया है। जिसके कारण नगर निगम ने रि-टेंडर कॉल किए हैं।

इस बार निगम द्वारा इन विकास कार्यों के लिए ई-टेंडर किए गए हैं, जिसकी अंतिम तारीख नौ जुलाई निर्धारित की गई है। बता दें कि इनमें मुख्य रूप से करीब नौ लाख 47 हजार की लागत से मधु चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट, स्ट्रीट लाइट लगाने, हजारों स्ट्रीट लाइटें लगाने, गांव जडौदी में एससी चौपाल बनाने, कई कॉलोनी में पार्कों के निर्माण, द्वारिकापुरी में दो लाख से पार्क निर्माण, श्रीनगर कॉलोनी में करीब दो लाख और लेबर कॉलोनी में तीन लाख से पार्क बनेने, करीब तीन लाख से ही सरस्वती कॉलोनी में कम्युनिटी सेंटर बनाने, पुराना हमीदा में 100 से ज्यादा नालियां बनने, करीब 55 लाख रुपये से बुड़िया गांव में दो कम्युनिटी सेंटर बनाने, 30 लाख रुपये से रेलवे रोड से रामपुरा स्कूल रोड को दुरुस्त करने सहित अन्य कार्यों पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इन सभी कार्यों को टेंडर और वर्क अलॉट होने के एक से तीन माह में पूरा करना होगा। किंतु पहले ही ठेकेदार टेंडर में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं, उस पर बरसात को देख ठेकेदार को काम लेने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा।

ठेकेदारों का मानना है कि बरसात के दिनों में सड़क व अन्य निर्माण कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते और साथ ही उनकी गुणवत्ता पूरी नहीं हो पाती है।

ऐसे में यदि अब भी इन कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है तो मानसून के बाद विस चुनाव में आचार संहिता लगने से भी विकास कार्य पूरे होने में शहरवासियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

घोषित 71 सड़कों का काम भी अटका

बीती सात जून को सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यमुनानगर के आगमन पर जिले में 71 सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 15.23 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी।

साथ ही संबंधित विभागों 10 जुलाई तक कार्य पूरा करने के आदेश दिए थे। इन सड़कों में 43 सड़कें नगर निगम, 18 सड़कें हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और 11 सड़कें लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के तहत आती हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी तक कई सड़कों के लिए वर्क अलॉट भी नहीं हो पाया है जबकि सीएम के आदेशानुसार कार्य को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के पास अब आठ दिन बाकी हैं।

30 जून तक पांच सड़कों का काम होना था

लोक निर्माध विभाग के तहत होने वाले सड़क मरम्मत और पुर्ननिर्माण के कार्यों को लेकर बीती 23 मई को डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ली थी।

जिसमें जिले में 139 करोड़ रुपए की लागत से 265 किलोमीटर लंबी सड़कों के पुर्ननिर्माण के कार्य को 30 जून तक पूरा करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी भी कई सड़कों का काम अधूरा है।

इन सड़कों का काम अभी भी अधूरा

13 करोड़ रुपये की लागत से कैत से कलानौर रोड।
15.50 करोड़ रुपये की लागत से पांसरा-शहजादपुर रोड।
8.50 करोड़ रुपये की लागत से बडी पाबनी से बिलासपुर रोड।
3 करोड़ रुपये की लागत से दादुपुर से छछरौली रोड।
5 करोड़ रुपये की लागत से बिचपड़ी से नवाजपुर रोड।

मंदीप सिंह बराड़, डीसी, यमुनानगर ने बताया कि नगर निगम के तहत 203 विकास कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। सीएम द्वारा घोषित 71 सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के काम को लेकर संबंधित विभाग को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के आदेश दिए गए हैं, जो लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही जिले के अन्य विकास कार्यों में तेजी लागने के दिशा-निर्देश दिए हैं।
-
सड़कों के निर्माण में लेटलतीफी

यमुनानगर में शहर की सड़कों के निर्माण और दुरुस्त करने में लेटलतीफी के आरोप में भाजपा प्रतिनिधि मंडल के वरिष्ठ नेता घनश्याम दास के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता और शहरवासी डीसी मंदीप सिंह बराड़ से मिले।

उन्होंने डीसी को बताया कि प्रशासन की ओर से मई और जून माह में सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के काम को मानसून से पहले 30 जून तक पूरा करने का दावा किया गया था अभी भी पॉश क्षेत्र मॉडल सहित शहर की विभिन्न कॉलोनियों में सड़कों का काम अधर में लटका हुआ है।

घनश्याम दास ने बताया कि मॉडल टाउन की टूटी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए ईओ केके जैन ने उन्हें 30 जून तक काम पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कई सड़कों पर काम भी शुरू नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि मानसून की बरसात कुछ दिनों में ही शुरू हो जाएगी, ऐसे में पानी भरने पर सड़कों में बने गड्ढे और विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए की गई खुदाई का पता न चल पाने से राहगीरों के गिरकर घायल होने की आशंका है। डीसी ने लोगों को आश्वसत कर शहर में सभी तारकोल वाली सड़कों को दस जुलाई तक बनाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए। मौके पर जिला उपाध्यक्ष मदन चौहान, पार्षद संगीता सिंघल, सुरेंद्र शर्मा, राकेश पूनिया, रोचक गर्ग, राजिंद्र तलवाड़ मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें