संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 75 करोड़ के धान घोटाले के आरोप में गिरफ्तार राइस मिलर संदीप सिंगला को लेकर एसआईटी शनिवार को बिहार से वापस ले आई। बिहार में किन चावल कारोबारियों से आरोपी की सांठगांठ थी, इसका खुलासा करने से पुलिस पूरी तरह से बच रही है। सूत्रों के मुताबिक बिहार में एसआईटी के हाथ कोई खास सबूत नहीं लगा है।
छह दिन का रिमांड खत्म होने में अब दो दिन बाकी है। इसलिए अब पुलिस के सामने इस केस को जल्द से जल्द सुलझाना बड़ी चुनौती बन गया है।एसआईटी अभी तक इस मामले में कोई बड़ा खुलासा नहीं कर सकी है। करोड़ों रुपये के धान गबन में एसआईटी अभी तक संदीप सिंगला के अलावा किसी और आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
इतना बड़ा घोटाला करना किसी एक अकेले के बस की बात नहीं है। डीएफएसी खुद अपने तीन इंस्पेक्टरों को चार्जशीट करने के लिए मसौदा मुख्यालय भेज चुके हैं। मसौदा भेजने से साफ है कि इन तीनों की भी इस मामले में मिलीभगत हो सकती है। परंतु पुलिस की जांच अभी तक संदीप सिंगला से आगे ही नहीं बढ़ पा रही है।
कोर्ट में सुनवाई अब कल होगी
आरोपी राइस मिलर की मिलों में बचे पड़े धान पर अदालत में होने वाली सुनवाई शनिवार को भी टल गई। अब इस पर आठ दिसंबर को होगी। पिछले कई तारीखों से सुनवाई टलती आ रही है। हैफेड व डीएफएससी दोनों ने ही मिलों में बचे हुए धान को उन्हें सौंपने के लिए अर्जी लगा रखी है। एजेंसियों का तर्क है कि बचे हुए धान को दूसरी मिलों में ट्रांसफर कर इसकी कुटाई करवाई जाएगी ताकि इसे खराब होने से बचाया जा सके और एफसीआई को भी चावल की सप्लाई की जा सके।
फर्जी गेट पास काटने पर पांच सचिव चार्जशीट
धान घोटाले में मार्केट कमेटी के सचिवों पर खरीद के दौरान फर्जी गेटपास काटने के आरोप लगने लगे हैं। सरकार ने जगाधरी मार्केट कमेटी सचिव विशाल गर्ग, रादौर मंडी सचिव राजीव चोपड़ा, साढौरा मंडी सचिव सुरेंद्र कुमार, छछरौली एवं प्रतापनगर मंडी सचिव ऋषिराज व व्यासपुर मंडी सचिव सुमन लता को चार्जशीट कर दिया है। आरोप है कि इन्होंने मंडियों में फर्जी गेट पास काटे। उधर सचिवों का कहना है कि इसमें उनका कोई दोष नहीं है। मंडियों में गेट पर जहां गेट पास काटे जाते हैं वहां पर 24 घंटे बिजली व इंटरनेट की सुविधा नहीं है। बिजली जाने पर जब इंटरनेट बंद होता है तो ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपने मोबाइल से इंटरनेट कनेक्ट करके गेट पास काटता है। इसलिए आईपी एड्रेस अलग-अलग आ रहे हैं।