संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरु अर्जुन नगर छोटी लाइन जगाधरी में खालसा साजना दिवस को समर्पित तीन दिवसीय विशाल गुरमत कथा समागम का तीसरा और अंतिम दिन बड़ी श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर गुरबाणी, कीर्तन और कथा का आनंद लिया।
दीवान की शुरुआत हजूरी रागी जत्थों द्वारा मधुर कीर्तन से हुई, जिससे पूरा वातावरण गुरबाणी के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक ज्ञानी जसबीर सिंह (चाकर) ने अंतिम दिन की कथा के दौरान संगत को नाम सिमरन, सेवा, साध संगत और गुरबाणी से जुड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सफलता का मूल मंत्र गुरबाणी अनुसार जीवन बिताना है और गुरु की शरण में रहकर ही मनुष्य वास्तविक सुख और शांति प्राप्त कर सकता है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्व प्रधान महंत कर्मजीत सिंह व उनके साथ संत सुरिंद्र सिंह मिठ्ठा टिवाणा विशेष रूप से समागम में पहुंचे। महंत कर्मजीत सिंह ने कहा कि हम बड़े कर्मों वाले हैं कि हमारा जन्म सिखों के घर हुआ है। हमें इस बात की कद्र करनी चाहिए और गुरु साहिब द्वारा मिली सिखी की दात को संभाल कर रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत यह है कि हम अपने बच्चों को सिखी की ओर प्रेरित करें। यह केवल गुरुद्वारों या प्रचारकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर माता-पिता का फर्ज है कि वे अपने बच्चों को गुरबाणी पढ़ने, सिख इतिहास जानने, केशों की संभाल करने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। समागम के दौरान गुरमत मुकाबलों के विजेता बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा गुरु का लंगर अटूट रूप से चलाया गया।