संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रोडवेज की यमुनानगर वर्कशॉप बसों को ठीक करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। अब इसमें काम कर रहे तीनों मैकेनिक के भी तबादला आ गए हैं। ऐसे में तीनों के ट्रांसफर होने के बाद अब वर्कशॉप में एक भी मैकेनिक नहीं बचेगा। इससे बसों की मरम्मत का काम ठप हो जाएगा।
इस समस्या को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों की ओर से तीनों को रिलीव नहीं किया जा रहा। क्योंकि तीनों चले गए तो खराब बसें वर्कशॉप में ही खड़ी हो जाएंगी, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा। यमुनानगर डिपो में फिलहाल 160 बसें हैं। इनमें से रोजाना औसतन 10 बस तो वर्कशॉप में ही सर्विस व अन्य खराबी के चलते खड़ी रहती हैं।
इसके अलावा कई बार बीच रास्ते में भी अचानक बसें खराब हो जाती हैं जिन्हें क्रेन की मदद से खींच कर वर्कशॉप तक लाया जाता है। काफी समय से वर्कशॉप में केवल तीन मैकेनिक ही काम कर रहे हैं। क्योंकि पहले जो मैकेनिक थे वह ट्रांसफर हो चुके हैं या फिर नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए हैं। ऐसे में बसों की मरम्मत का कार्य जैसे-तैसे हो रहा है। इसके लिए हेल्परों या फिर आईटीआई से अप्रेंटिस कर रहे छात्रों की मदद ली जा रही है। वर्कशॉप में इस वक्त 40 से 45 अप्रेंटिस काम कर रहे हैं।
यमुनानगर रोडवेज वर्कशॉप में मैकेनिक के कुल 45 पद स्वीकृत हैं। इनमें से अब केवल तीन ही रह गए हैं। इनके भी ट्रांसफर के ऑर्डर हुए हैं। लंबे समय से वर्कशॉप में नई भर्ती नहीं हुई है। वर्कशॉप के कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
लंबे समय से नहीं हुई भर्ती : महिपाल
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान महिपाल सोडे का कहना है कि सरकार नई भर्ती नहीं कर रही है। जिससे रोडवेज में कर्मचारी लगातार कम हो रहे हैं। यह हाल केवल यमुनानगर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का है। काम ज्यादा है, लेकिन कर्मचारी कम है। कर्मचारियों को आराम करने का भी समय नहीं मिलता है।
वर्कशॉप में काम करने वाले तीनों मैकेनिक के ट्रांसफर ऑर्डर आए थे। अभी तीनों को रिलीव नहीं किया गया है ताकि रोडवेज वर्कशॉप का कार्य प्रभावित न हो। वर्कशॉप में स्टाफ की कमी के बाद में मुख्यालय को लिखा हुआ है। -संजय रावल, रोडवेज महाप्रबंधक यमुनानगर।