यमुनानगर। लगभग 6134 करोड़ रुपये की लागत से हथिनी कुंड बैराज के नजदीक हरियाणा का सबसे बड़ा बांध बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना है। बैराज से चार किमी दूर हिमाचल की तरफ यह बांध बनाया जाना है, परंतु हिमाचल की तरफ से हामी न भरने पर हरियाणा की प्रस्तावित बांध परियोजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
वहीं एनओसी के लिए स्थानीय सिंचाई विभाग कई बार हिमाचल प्रदेश को पत्राचार कर चुका है, किंतु कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा जब सिंचाई विभाग ने इसकी रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी (सेंट्रल वाटर कमिश्नर) को भेजी तो, वहां से भी पहले हिमाचल से एनओसी लेने की नसीहत दी गई है। ऐसे में यमुना नदी के ऊपर हरियाणा द्वारा बांध बनाने की परियोजना का पेंच फंस गया है। सिंचाई विभाग के मुताबिक यह बांध भी हरियाणा की सीमा में ही बनना है, किंतु रिजर्व वायर का कुछ हिस्सा हिमाचल के पांवटा साहिब तक जाएगा।
इस परियोजना से हरियाणा, यूपी, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान व दिल्ली को लाभ मिलेगा। साथ ही हरियाणा के साथ-साथ यूपी व दिल्ली को भी बाढ़ से छुटकारा मिलेगा। वहीं बांध के बनने से बाढ़ का खतरा भी कम होगा। पानी को बांध पर स्टोर किया जाएगा जिससे मांग के अनुसार ही आगे छोड़ा जाएगा। वहीं, इससे 250 मेगावाट बिजली उत्पादन भी होगा।
यह परियोजना भी साल 2021 की है। चार साल गुजरने के बाद भी बांध बनाने की परियोजना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, जबकि बांध जिस जगह पर बनाया जाना है, वह जगह भी चिह्नित की जा चुकी है। इतना ही नहीं बांध के बनने से बाढ़ का खतरा भी कम होगा। पानी को बांध पर स्टोर किया जाएगा जिससे मांग के अनुसार ही आगे छोड़ा जाएगा। संवाद
14 किमी लंबे जलाशय का किया जाएगा निर्माण
परियोजना के अनुसार 14 किमी लंबा जलाशय होगा, जो करीब 5400 एकड़ भूमि पर बनेगा। इसके निर्माण में एनएच 73 का 11 किमी लंबा हिस्सा व नौ गांव दायरे में आ सकते हैं। इनमें हरियाणा के चार व हिमाचल के पांच गांव शामिल बताए जा रहे हैं। मानसून के सीजन में जब बैराज पर क्षमता से अधिक पानी पहुंचता है, तब सारे गेट खोलने पड़ते हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति बन जाती है।
हथिनी कुंड बैराज के पास बांध बनाने की परियोजना है। इस विषय में दोबारा से दिल्ली सीडब्ल्यूसी से बातचीत की थी, लेकिन वहां से भी पहले हिमाचल से एनओसी लेने के लिए कहा गया है। बांध के बनने से कई राज्यों को बाढ़ से छुटकारा मिलेगा। - सुरेंद्र, एक्सईएन प्रोजेक्ट इंचार्ज, सिंचाई विभाग यमुनानगर।