जगाधरी। शहर की मक्खन लाल शिब्बू मल धर्मशाला में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से साधना शिविर लगाया गया। शिविर सुबह दस से दोपहर एक बजे तक लगाया गया। ध्यान साधना के लिए बड़़ी संख्या में श्रद्धालु शिविर में पहुंचे।
शिविर में साध्वी राधिका भारती ने कहा कि कलयुग की कालिमा को मिटाने के लिए योग साधना ही रामबाण है। संस्थान की ओर से नियमित रूप से साधना शिविर लगाए जाते हैं, ताकि सामूहिक ध्यान साधना की तरंगों से वातावरण सकारात्मक बनाया जाए। उन्होंने बताया कि आशुतोष महाराज कहते हैं कि जब ब्रह्मज्ञानी साधक मिलकर ध्यान साधना करते हैं तो सामूहिक ध्यान साधना से उत्पन्न ऊर्जा पुंज संपूर्ण धरा पर फैली कालिमा को मिटाने में जुट जाता है। यह इसका अचूक बाण है।
साध्वी राधिका ने ध्यान साधना का महत्व बताते हुए कहा कि ध्यान साधना वह मृत संजीवनी है, जो मन के विकारों को समूल विनष्ट करके साधारण मानव को देवतुल्य बना देती है। साधना में साधक केवल आंख बंद करके नहीं बैठता अपितु वह अपने मन के विकारों एवं कर्म संस्कारों से लड़ता हुआ आत्म साक्षात्कार अवस्था को प्राप्त करता है। परमात्मा के दिव्य प्रकाश का अनुभव करते हुए उसकी आत्मा सदैव आनंदित होती है। एक आनंदित आत्मा की ऊर्जा अत्यधिक प्रभावशाली होती है जिसमें अपने आस पास फैली नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने का सामर्थ्य होता है।