संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव में चारों सीटें जीतने के लिए भाजपा पूरा जोर लगा रही है। इसके लिए चुनाव प्रचार भी जोर-शोर से हो रहा है। इसी चुनाव प्रचार के बीच ब्लॉक समिति बिलासपुर के चेयरमैन का पद भाजपा के हाथ से निकल चुका है।
वार्ड चार से ब्लॉक समिति सदस्य सुनीता गुर्जर को भाजपा ने दो साल पहले ब्लॉक समिति का चेयरमैन बनाया था। सुनीता देवी व उनके पति भूषण गुर्जर ने साढौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रेनू बाला के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। उनके साथ ब्लॉक समिति के 13 अन्य सदस्य भी कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। जिस कारण भाजपा को चेयरमैन का पद गंवाना पड़ा। फिलहाल अभी भाजपा इस स्थिति में नहीं हैं कि यहां पर जोड़ तोड़ करके अपना चेयरमैन बना सके।
ब्लॉक समिति बिलासपुर में कुल 25 सदस्य हैं। चेयरमैन बनाने के लिए 13 सदस्यों का होना जरूरी है। भाजपा के पास फिलहाल 11 सदस्य और चेयरमैन सुनीता गुर्जर के साथ 13 सदस्य हैं। फिलहाल भाजपा का पूरा फोकस विधानसभा चुनाव में चारों सीट जीतने पर है। इसलिए इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। भाजपा को केवल दो सदस्यों का साथ चाहिए।
दरअसल भूषण गुर्जर व उनकी पत्नी सुनीता गुर्जर पहले कांग्रेस में ही थे। भाजपा को ब्लॉक समिति में अपना चेयरमैन बनाना था इसलिए कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने जाति कार्ड खेलते हुए भूषण गुर्जर को अपने पाले में कर लिया था। उनके साथ जो 13 अन्य कांग्रेसी सदस्य थे वह भी कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
चेयरमैन के साथ जो सदस्य कांग्रेस में शामिल हुए हैं उनमें वार्ड दो से समसीद, वार्ड तीन से नूर मोहम्मद, वार्ड चार से सुनीता देवी, वार्ड पांच से सतपाल, वार्ड सात से संदीप कुमार, वार्ड आठ से सुभाष चंद, वार्ड 10 से शत्रुगन (गोपाल गुर्जर), वार्ड चार 14 से गुरजीत कौर, वार्ड 15 से अजय कुमार, वार्ड 19 से प्रदीप कुमार, वार्ड 21 से कमलजीत कौर व वार्ड 25 से मनीषा रानी शामिल हैं।
पहले भी हम थे कांग्रेसी : भूषण गुर्जर
ब्लॉक समिति चेयरमैन सुनीता गुर्जर के पति भूषण गुर्जर ने बताया कि वह और पत्नी सुनीता के अलावा 13 उक्त सदस्य पहले कांग्रेसी थे। सभी ने दोबारा भाजपा को छोड़ कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। राजनीति में कई बार हालात को देखते हुए निर्णय लेने पड़ते हैं, इसलिए भाजपा को छोड़ दिया।