संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कपालमोचन मेले में आने वाले श्रद्धालु यहां से 19 किलोमीटर दूर सरस्वती उद्गम स्थल आदिबद्री में जाकर हाजिरी लगा रहे हैं। श्रद्धालु श्री आदिबद्री नारायण मंदिर, श्री केदारनाथ मंदिर और 1800 फीट ऊंची चोटी पर स्थित माता मंत्रा देवी मंदिर में जाकर माथा टेक रहे हैं।
माता मंत्रा देवी मंदिर तक जाने का रास्ता दुर्गम है फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं है। यहां मंदिर में रखे महाभारतकालीन शंख के भी श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कपालमोचन से आदिबद्री के लिए रोडवेज की तरफ से 20 बसें चलाई गई हैं। राजकीय स्कूल अहड़वाला के पास बनाए गए अस्थायी बस स्टैंड से बसें श्रद्धालुओं से भर कर चल रही हैं। बसें काठगढ़ गांव तक श्रद्धालुओं को लेकर जा रही हैं।
इसके आगे का सफर श्रद्धालुओं को ऑटो से या फिर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। बावजूद इसके श्रद्धालुओं की श्रद्धा में कोई कमी नहीं है। श्रद्धालु सफर के दौरान आराम करते हुए मंदिरों तक पहुंच रहे हैं। आदिबद्री में आने वाले श्रद्धालु श्री आदिबद्री नारायण मंदिर से होते हुए सोम नदी को पार करके माता मंत्रा देवी की तरफ जाते हैं। आदिबद्री नारायण मंदिर से जब वह नदी की तरफ नीचे जाते हैं तो रास्ता काफी खराब है। आधा रास्ता पक्का है। जो रास्ता पक्का है वह भी कई जगह से टूटा हुआ है। ऐसे में दो दिनों से काफी महिला व पुरुष श्रद्धालु इसमें गिर कर चोटिल हो रहे हैं। सोमवार को भी कई महिलाएं यहां से फिसल कर नीचे गिरी। गनीमत यह रही कि किसी को ज्यादा चोट नहीं लगी। इसी तरह सोम पार करने के दौरान भी कई श्रद्धालु पानी में गिर गए। प्रशासन चाहता तो नदी के बीच में अस्थायी तौर पर चलने का रास्ता बनाया जा सकता था। परंतु ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा यहां पर कोई रेलिंग भी नहीं लगाई गई जिसे पकड़ कर श्रद्धालु ऊपर चढ़ सकें।
ठीक से चल नहीं सकतीं, फिर दर्शन करने गईं
मेला में पंजाब के जिला फरीदकोट के गांव रमाना से 70 वर्षीय हरबंस कौर अपनी 64 साल की बहन जसविंद्र कौर के साथ आदिबद्री पहुंचीं। हरबंस कौर ने बताया कि वह 19 लोगों के जत्थे के साथ कपालमोचन आए हैं। वह पहले भी आदिबद्री में आ चुकी है। आज वह बहन जसविंद्र को लेकर पहाड़ी पर माता मंत्रा देवी के दर्शन करने के लिए लेकर गई। घुटनों में दर्द रहने के कारण वह ठीक से चल नहीं सकतीं। बीच-बीच में आराम करते हुए मंदिर गए। वह सुबह सात बजे चले थे और 11 बजे मंदिर में पहुंचे। आदिबद्री आकर मन को शांति मिलती है। प्रशासन को मंदिर का रास्ता ठीक कराना चाहिए।
आदिबद्री मंदिर के बाहर लगे बड़े घंटे को बजाती महिला। संवाद- फोटो : udhampur news
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आदिबद्री मंदिर के बाहर लगे बड़े घंटे को बजाती महिला। संवाद- फोटो : udhampur news
आदिबद्री मंदिर के बाहर लगे बड़े घंटे को बजाती महिला। संवाद- फोटो : udhampur news