पिछले 32 सालों में प्रोफेसर एसएल सैनी पर्यावरण को बचाने मेें जुटे हैं। सन 1991 से उनके द्वारा शुरू की गई संस्था हरियाणा एनवायरमेंटल सोसाइटी द्वारा यमुनानगर के अलावा अंबाला, पंचकूला और कुरुक्षेत्र में करीब तीन लाख पौधे रोपित किए जा चुके हैं। यमुनानगर जिले में उन्होंने बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया। पर्यावरण के प्रति उनकी समर्पण भावना को देखते हुए वर्ष 2003 में तत्कालीन राज्यपाल बाबू परमानंद के हाथों उन्हें ग्रीन मैन के खिताब से नवाजा गया। यमुनानगर और जगाधरी शहर में कोई ऐसी मुख्य सड़क नहीं, जहां उन्होंने पौधरोपण न कराया हो। बात सिर्फ पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं है। लगाए गए पौधों को बड़े होने तक सुरक्षित रखने का जिम्मा भी संस्था उठाती है। इसके लिए बाकायदा पौधों पर ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं।
प्रो. सैनी खुद ट्विन सिटी में घूमकर लगाए गए पौधों की स्थिति का जायजा लेते हैं। शहरवासियों को पौधरोपण के प्रति जागरूक करने के लिए उन्होंने अलग तरीका अपनाया। किसी बच्चे का जन्मदिन हो या किसी की बरसी, कोई पर्व हो या सालगिरह, प्रो. सैनी किसी भी पर्व या खास दिन पर लोगों को एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रो. सैनी का मानना है कि किसी खास दिन या त्योहार पर पौधा लगाकर उसे यादगार बनाया जा सकता है। प्रो. सैनी ने बताया कि उनकी संस्था की ओर से पौधा मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है। पौधा लगाने वाले से सिर्फ ट्री-गार्ड के पैसे लिए जाते हैं। पौधा लगाने के बाद उसमें खाद, पानी देना और उसकी ट्रिमिंग संस्था के कर्मचारी मौके पर जाकर करते हैं। ट्विन सिटी को कोई भी ऐसा पार्क नहीं है, जहां ग्रीन मैन प्रो. सैनी ने लोगों से पौधे न लगवाए हों। यहां तक खाली पड़ी सरकारी जमीन, आवासीय क्षेत्रों और डिवाइडर पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण करवाया है।
प्रो. सैनी कहते हैं कि वर्ष 1989 में वह ईराक की यूनिवर्सिटी में लेक्चर देने गए थे। वहां जगह-जगह पिकनिक स्पॉट बने देखे, जहां काफी हरियाली थी। उस समय उन्होंने सोचा कि इस सूखे इलाके में इतनी हरियाली लाई जा सकती है तो यमुनानगर में भी ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता। ईराक से आने के चार साल बाद उन्होंने हरियाणा एनवायरमेंटल सोसाइटी बनाकर पौधरोपण का कार्य आरंभ कर दिया।