संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव की सरगर्मी में स्थानीय मुद्दे लोगों की जुबान पर आ रहे हैं। इनमें शहर के अधूरे कामों का दर्द भी झलक रहा है। साथ ही इस पर राजनीतिक दलों से विस चुनाव के माहौल में अपना पक्ष जनता समक्ष रखने की मांग कर रहे हैं, उधर विपक्ष से निवर्तमान पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के अंतर्गत सदन बैठकों में मंजूर प्रस्तावों और परियोजनाएं में अधिकांश कागजों तक सिमटी रहीं।
नेहरू पार्क में समूह में बैठकर चर्चा करते रमन, सतेंद्र, राजकुमार, सन्नी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों की बड़ी अहमियत है। इसमें नगर निगम से जुड़े कामों की स्थिति देखी जानी चाहिए। गत पांच वर्षों में निगम संबंधी काम पूरे हुए या नहीं और निगम से जुड़ी सेवाएं लोगों को सुगम तरीके से मिली या नहीं।
राजनीतिक दलों को नगर निगम के अधूरे कामों व सेवाओं में कमी व सुधार पर अपने पक्ष जनता समक्ष रखने चाहिए। लोगों का आरोप है कि निगम से जुड़े कई जरूरी काम अधूरे हैं या शुरू नहीं हुए, वहीं निगम के सड़क, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी के काम गत पांच वर्षों में संतोषजनक नहीं रहे। साथ ही प्रॉपर्टी आईडी सहित अन्य सेवाएं से भी लोग परेशान रहे।
बड़ी परियोजनाएं अधूरी
कांग्रेस से निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि नगर निगम सदन बैठकों में मंजूर अधिकांश प्रस्तावों पर पांच साल के कार्यकाल में काम नहीं हो पाए। ऐसे ही कई बड़ी परियोजनाएं भी अधूरी रहीं। एलईडी लाइट, शहर की सीमाओं पर चार एंट्री गेट, कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी तक स्टॉर्म ड्रेन, नगर निगम का नया भवन, निगम की जमीनों की निशानदेही व तारबंदी, स्लाटर हाउस, गोशालाएं, वार्डों में सीसीटीवी लगाने, कॉलोनियों के नाम बोर्ड लगाने, स्ट्रे डॉग्स की नसबंदी जैसे कई जरूरी काम नहीं हो पाए। इसका खामियाजा शहर के लोग भुगत रहे हैं।
प्रॉपर्टी आईडी ने किया परेशान
कांग्रेस से निवर्तमान पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि नगर निगम ने प्रॉपर्टी सर्वे एजेंसी से कराया, जिसमें अधिकांश लोगों की प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां कर दी गईं। इन्हीं त्रुटियों को एजेंसी से ठीक कराने के बजाए यह परेशानी लोगों पर डाल दी गई। इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए लोगों को कई माह निगम दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों के चलते लोगों को प्रॉपर्टी के क्रय-विक्रय से लेकर अन्य परेशानियां भी हुईं। ऐसे ही निगम से जुड़ी सड़क, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी जैसी सेवाओं में भी लोगों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ा।