जगाधरी। जिले के निजी स्कूल नियमों की अवमानना तो कर ही रहे हैं, लेकिन इन पर अधिकारियों के आदेशों का भी कोई असर नहीं हो रहा है। निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई करवाने व नियमों का उल्लंघन करने पर शिक्षा विभाग ने आठ निजी स्कूलों को नोटिस दिया था। विभाग ने इन स्कूलों से नोटिस का दो दिन में जवाब देने के आदेश दिए थे। परंतु इसे करीब एक सप्ताह बीत गया है, लेकिन किसी स्कूल ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके बाद विभाग ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, यदि नियमानुसार कार्रवाई की जाए तो यह स्कूल बंद हो सकते हैं।
निजी संस्थानों की इस रवैये से ही उनकी मनमानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग ने इन स्कूलों को निरीक्षण के बाद नोटिस जारी किया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कक्षा में बच्चों को निजी प्रकाशकों की पुस्तकों से पढ़ते पाया गया था। इस पर विभाग की ओर से जिले के आठ स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निरीक्षण के पहले दिन संत निश्चल सिंह पब्लिक, एसडी पब्लिक जगाधरी, न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल व्यासपुर, गणपति कॉन्वेंट कुल चार स्कूलों को नोटिस दिया गया।
वहीं, दूसरे दिन शहर के मुकंद लाल पब्लिक स्कूल सरोजिनी कॉलोनी, इंडियन पब्लिक स्कूल बूड़िया रोड जगाधरी, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल बूड़िया रोड जगाधरी और स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल जगाधरी को नोटिस दिया गया था। इन स्कूलों को नोटिस का दो दिन में जवाब देना था, लेकिन एक सप्ताह बाद भी किसी स्कूल ने जवाब नहीं दिया है। इसके बाद जिला विभाग सख्ती का मन बना चुका है। विभाग की ओर से स्कूलों मिली खामियों और नोटिस का जवाब न देने की रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय भेज रहा है। यदि निदेशालय इसमें सख्ती दिखाता है तो नियमानुसार इन स्कूलों की मान्यता हमेशा के लिए छीनी जा सकती है या फिर कुछ वर्ष के लिए निरस्त की जा सकती है। इसके साथ ही इसमें आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक राणा ने बताया कि विभाग की ओर से स्कूलों का नोटिस जारी किए गए थे। परंतु किसी का अभी जवाब नहीं आया है। इसके बाद जिला विभाग की ओर से आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संवाद