जगाधरी-अंबाला पुराना नेशनल हाईवे को लोनिवि ने रक्षक विहार नाका के पास उखाड़ दिया गया। जबकि इस सड़क पर कोई गड्ढा भी नहीं था। विभाग की ओर से सही सलामत सड़क को तोड़ कर दोबारा बनाया जाएगा। सड़क की ऊपरी परत को उखाड़ने के बाद ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। पूरी सड़क पर बजरी बिखरी पड़ी है। ठेकेदार या प्रशासन ने सड़क को उखाड़ने के बाद न तो ट्रैफिक को डायवर्ट किया और न ही इसकी बजरी को ही साफ कराया। रात को दोपहिया वाहन चालक तेज गति से आते हैं और सड़क के टूटी होने की जानकारी न होने से बाइकों समेत फिसल रहे हैं। पिछले दो दिन में कई बाइक सवार सड़क की बजरी पर फिसल कर गिर चुके हैं। कईयों को तो चोट भी लगी। इसके बावजूद प्रशासन ने एहतियातन कोई कदम नहीं उठाया।
जगाधरी बस स्टैंड से रक्षक विहार नाका तक सड़क कैल से कलानौर तक हुए काम का ही हिस्सा है। इस सड़क हाल ही में बनाया गया था। सड़क पर कोई गड्ढा भी नहीं था। फिर भी इसे तोड़ दिया गया। अब बस स्टैंड से लेकर रक्षक विहार नाका तक सड़क को नए सिरे से बनाया जाएगा। मशीन से सड़क की ऊपरी परत को उखाड़ दिया गया है। इसके बाद से सड़क पर इतनी बजरी बिखरी हुई है बाइकों का बैलेंस नहीं बन पाता। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में हो रही है। पीछे से तेज गति से आने वाले वाहन जब अचानक टूटी सड़क पर चढ़ते हैं अनबैलेंस हो जाते हैं। वहीं जगाधरी व अंबाला मार्ग से आने वाले लोग जब बिलासपुर स्टेट हाईवे पर मुड़ते हैं तो बिखरी बिखरी सड़क पर बाइक फिसल जाती है। जहां तक सड़क तोड़ी गई है वहां ठेकेदार द्वारा कोई सूचना या चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया।
उखाड़ी गई सड़क की न केवल बजरी ही नहीं बल्कि धूल भी लोगों का दम निकाल रही है। जैसे ही वाहन इस पर से चलता है तो पीछे धूल का गुबार बन जाता है। कायदे से जो सड़क चलने लायक न होने पर प्रशासन या विभाग की ओर से उस हिस्से को बंद करके रूट डायवर्ट कर दिया जाता है। परंतु यहां न तो रूट डायवर्ट किया गया और न ही पानी का छिड़काव किया जा रहा है। यदि पानी का छिड़काव हो तो लोगों को धूल से निजात मिल सकती है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवीन खत्री ने बताया कि जगाधरी बस स्टैंड से रक्षक विहार नाका तक सड़क को दोबारा बनाया जाएगा। पानी का छिड़काव करने से सड़क खराब हो सकती है। बजरी को सड़क से साफ करने के लिए वह ठेकेदार से बात करेंगे।