संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। इस्माइलपुर गांव में शामलात की लगभग 100 एकड़ जमीन की निशानदेही के लिए पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों के विरोध के कारण बैरंग वापस लौटना पड़ गया। इस जमीन की निशानदेही करवाने के लिए प्रशासन पहले भी कई बार प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार किसानों के विरोध के कारण प्रशासन निशानदेही नहीं कर पा रहा है।
सोमवार को भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट व भारी पुलिस बल के साथ पटवारी व कानूनगो गांव में पहुंचे थे, लेकिन भाकियू शहीद भगत सिंह के नेता जय सिंह जलबेड़ा के नेतृत्व में किसानों ने निशानदेही का विरोध किया। जय सिंह ने कहा कि यह भूमि 1923 से किसानों के कब्जे में है। 100 साल से ज्यादा हो चुके हैं किसान इन जमीनों पर खेती कर रहे हैं। अब सरकार इन जमीनों की निशानदेही करवा कर किसानों से जमीन छीन कर पंचायत को देना चाहती है। पंचायत का इस जमीन पर कोई दखल नहीं है।
उन्होंने साफ कहा कि किसान सरकार की ये मंशा पूरी नहीं होने देंगे। किसान नेता विक्रम राणा व हरमन सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में ये मामला विचाराधीन है कोर्ट ने इसमें स्टेट को कर रखा है। जिसके मतलब है कि इस जमीन पर किसी तरह की कोई छेड़खानी या तोड़फोड़ नहीं की जा सकती, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन इसमें निशानदेही करना चाहता है जो कि हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।
किसानों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से डीसी से मुलाकात करवाने की मांग है। वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट पशु चिकित्सक विक्रांत सिंह ने बताया कि किसानों को एक सप्ताह का समय दिया कि वो उच्चाधिकारियों से मिलकर मामले को निपटा लें अन्यथा फिर निशानदेही की जाएगी। इस दौरान मौके पर जसप्रीत सिंह, शफी मोहम्मद, बलकार सिंह, अख्तर, पंकज, इसरान, सुलेमान, बलजीत सिंह सहित काफी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व किसान मौजूद रहे।