संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। उपमंडल व्यासपुर में डंपरों और भारी ट्रकों की लगातार आवाजाही स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। क्षेत्र की मुख्य सड़क पर दिनभर लगभग 2000 से अधिक ट्रक मिट्टी, रेत और बजरी से भरे गुजरते हैं, जिससे पूरा कस्बा जाम रहता है। लोगों का कहना है कि इन वाहनों से पूर्व में कई हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। डंपरों व ट्रकों पर लगाम लगाई जाए।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ट्रकों की आवाजाही सुबह से देर रात तक लगातार जारी रहती है। हालात यह हैं कि सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालयों के लिए निकलने वाले कर्मचारियों और बाजार में खरीदारी के लिए आने-जाने वाले लोगों को हर कदम पर जाम और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। जगाधरी व साढौरा की तरफ से रणजीतपुर जाने के लिए एकमात्र सड़क आवाजाही के लिए है। इस पर भी दिनभर लगने वाले जाम ने लोगों का दम निकाल दिया है। संकरी सड़क पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। धर्मवीर, मोहित, विनोद का कहना है कि कई बार प्रशासन, एसडीएम कार्यालय, बीडीपीओ और पुलिस से अनुरोध कर चुके हैं कि ट्रकों व डंपरों की आवाजाही पर अंकुश लगाया जाए। परंतु कोई सुनने वाला नहीं है।
जब सड़क खाली होती है तो डंपर इतनी तेज गति से जाते हैं कि यह कभी भी किसी को अपनी चपेट में लेकर उसकी जान ले सकते हैं। न तो ट्रकों के लिए कोई निश्चित रूट तय किया गया है और न ही समयबद्ध आवाजाही की कोई पाबंदी लागू की गई है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनकी मांग है कि ट्रकों की आवाजाही को नियंत्रित करने, वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने और ओवरलोडिंग पर सख्ती से रोक लगाने के साथ-साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके लिए डंपर मिट्टी लेकर जा रहे हैं। वहीं माइनिंग जोन से भी डंपर व ट्रक आ रहे हैं। लोगों की समस्या जायज है। इनकी वजह से कोई हादसा न हो इसके लिए हाईवे निर्माण कर रही एजेंसी व अन्य वाहन चालकों के साथ बैठक कर उन्हें समझाया जाएगा। संभव हुआ तो इनके निकलने का समय भी अधिकारियों के साथ मिलकर निश्चित करने का प्रयास करेंगे। - कुलदीप सिंह, थाना प्रभारी, व्यासपुर।
व्यासपुर में डंपरों की वजह से सड़क पर लगा जाम। संवाद