फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंची मां को बेटे की हत्या का चला पता

Sun, 18 Aug 2024 04:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

साढौरा (यमुनानगर)। इंदिरा कॉलोनी के पास खेत के नलकूप की हौद से 22 जुलाई को मिला शव रविदास मंदिर के पास रहने वाले 34 वर्षीय संदीप का था। उसकी मां बल देवी का आरोप है संदीप के दो दोस्तों अजय व रविंद्र उर्फ रवि ने कांवड़ यात्रा पर ले जाने के बहाने संदीप की हत्या की है। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी है।
एसएचओ अनिल राणा ने बताया कि 22 जुलाई को इंदिरा कॉलोनी के पास खेत में नलकूप के हौद से युवक का शव मिला था। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान भी नजर आ रहे थे। सीन ऑफ क्राइम टीम को मौके पर बुलाने के अलावा मृतक की पहचान करवाने का प्रयास किया गया। बाद में शव को 72 घंटे तक मोर्चरी में रखा गया। जब किसी ने भी मृतक की पहचान नहीं की तो पोस्टमार्टम करवाकर एक सामाजिक संस्था के माध्यम से शव का अंतिम संस्कार करवा दिया गया था।
विज्ञापन


थाने में लगे पोस्टर से मां ने की थी बेटे की पहचान
रविदास मंदिर के पास रहने वाली बल देवी 16 अगस्त को अपने बेटे संदीप की गुमशुदगी की सूचना देने थाने आई। थाने में लगे पोस्टर से मृतक की पहचान अपने बेटे संदीप के तौर पर की। बलदेवी ने बताया कि 21 जुलाई को संदीप के दो दोस्त अजय व रविन्द्र उर्फ रवि उसे कांवड़ यात्रा पर जाने के लिए घर से ले गए थे। दो अगस्त को जलाभिषेक के बाद भी संदीप घर वापस नहीं आया।
इस पर वह बेटे संदीप के बारे में जानने के लिए अगले दिन सुबह अजय के घर पहुंची। अजय ने संदीप के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। रविंद्र से भी पूछने पर उसने भी संदीप के बारे में कुछ नहीं बताया।अपने तौर पर सभी रिश्तेदारों में पता करने के बाद संदीप की गुमशुदगी की शिकायत देने 16 अगस्त को थाने में पहुंची तो वहां पोस्टर पर लगी फोटो देखकर पता चला कि संदीप की मौत हो चुकी है। तब बल देवी ने अजय व रविंद्र पर कांवड़ यात्रा के बहाने संदीप को घर से ले जाकर उसकी हत्या करने की शिकायत पुलिस को दी।
विज्ञापन

संदीप के पिता का शव 2008 में नाले से मिला था
बल देवी ने बताया कि संदीप के पिता बाबू राम का शव 2008 में बिजली कार्यालय के सामने नाले से मिला था। तब भी उन्होंने इसे संदेहास्पद मामला बताते हुए इसकी जांच की मांग की थी। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बड़े बेटे सन्नी का दो साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। अब संदीप ही उसका इकलौता सहारा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें