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छाने लगी धुंध, स्ट्रीट लाइटें नहीं दुरुस्त

Thu, 12 Dec 2013 04:17 PM IST
यमुनानगर
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सर्दी बढ़ने के साथ ही धुंध बढ़ने लगी है। कोहरे की वजह से हादसों की आशंका बढ़ जाती है। लेकिन नगर निगम की ओर से हादसों को रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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सहारनपुर-कुरुक्षेत्र हाईवे और नेशनल हाईवे-73 पर स्ट्रीट लाइटें मेंटेनेंस की बाट जोह रही हैं। इसके साथ ही कमानी चौक से कन्हैया चौक के बीच नगर सुधार मंडल के क्षेत्र में लगी लाइटों का मामला दो विभाग में फंस कर रह गया है। इसके बीच लगी ज्यादातर लाइटें खराब पड़ी हैं।

एक साल से इन लाइटों की मेंटेनेंस नहीं हो पाई है। ये लाइटेें वैसे तो नगर सुधार मंडल की है लेकिन जब से इसे निगम में जोड़ने की बात हुई है तब से इन लाइटों के मेंटेनेंस का ठेका नहीं दिया जा सका। इससे रात के समय कन्हैया चौक से कमानी चौक का क्षेत्र अंधेरे और कोहरे में डूबा रहता है।
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रात के समय इस रोड से गन्ने की ट्रालियां और अन्य शहर की ट्रैफिक गुजरती है। जिससे रात के समय यहां पर हादसा होने का डर रहता है। एसके हाईवे पर बाईपास से चीनी मिल तक लाइटों के लिए खंभे तो जरूर लगे हैं, लेकिन इन पर लाइटें नहीं है। शाम होते ही हाईवे पर अंधेरा पसर जाता है और रात के समय धुंध पड़ने से तो हालात काफी खराब हो जाते हैं।

एक साल से रखरखाव नहीं
कमानी चौक से कन्हैया चौक के बीच लगी लाइटों की एक साल से मेंटेनेंस नहीं हो पाई। नगर सुधार मंडल के अधिकारियों का कहना है कि देखभाल और रखरखाव के अभाव में इनमें से ज्यादातर लाइटें खराब हो चुकी हैं। नगर सुधर मंडल के अधीक्षक गुलशन कुमार का कहना है कि एक साल से इन लाइटों की मेंटेनेंस का ठेका हमारी ओर से नहीं दिया गया है। मंडल को निगम में शामिल करने की प्रक्रिया चली हुई है, इसको लेकर मेंटेनेंस का ठेका नहीं दे पाए।

सड़कों पर खड़े वाहन से ज्यादा डर
 एक तो अंधेरा दूसरा कोहरा और तीसरा सड़काें किनारे खड़े वाहन। यानी हादसों का पूरा इंतजाम यहां पर है। वाहनों की लाइटें जैसे कैसे कर अंधेरे को तो पाट लेती है, लेकिन कोहरा होने से वाहनों की लाइटें भी बेअसर हो जाती हैं। कोहरा अधिक होने से रात के समय सड़कों किनारे खड़े वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही शुगर मिल में आने वाली अधिकतर ट्रालियों पर तो रिफ्लेक्टर भी नहीं होते। जिससे हाइवे पर चलने वाले वाहन चालकों को रात के समय दिक्कतों से दोचार होना पड़ता है। अगर थोड़ी से भी असावधानी हो जाए, तो समझो हादसा होना तय है।

यहां भी लाइटें खराब
एसके हाईवे के साथ ही बाईपास से कमानी चौक की तरफ पुल पर लगी कई लाइटें खराब पड़ी हैं। यहां पर खंभों पर लाइटें जरूरी हैं, लेकिन उनमें से कई के कनेक्शन कटे हुए हैं, तो लाइटें उलटी हो रही हैं। जिससे यहां पर भी रात के समय अंधेरा छाया रहता है। इसके साथ ही जगाधरी-अंबाला रोड पर जगाधरी बस स्टैंड से बिलासपुर मोड़ तक कई लाइटें खराब पड़ी हैं। इस रोड से रात के समय काफी संख्या में ट्रक और हिमाचल प्रदेश और यूपी रोडवेज की बसें निकलती हैं। रात के समय कोहरे और स्ट्रीट लाइटों के खराब पड़े होने से इस रोड पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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