संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सावन की फुहार व रक्षाबंधन का त्योहार घेवर व फिरनी की मिठास के बिना अधूरा रहता है। सावन शुरू होने के साथ ही बाजारों में घेवर व फिरनी की महक लोगों को आकर्षित करने लगी थी। वहीं रक्षाबंधन करीब आने से इसकी मांग और ज्यादा बढ़ गई है।
घेवर की महक व स्वाद को लोगों को अपनी ओर खींचे जा रहा है। इन दिनों मिठाइयों की दुकान पर सबसे ज्यादा घेवर व फिरनी की बिक्री हो रही है। ऐसे में इन दिनों हलवाइयों की दुकानों पर खूब रौनक देखने को मिली रही। सावन के महीने में यमुनानगर के बाजार फिरनी और घेवर की खुशबू से महक रहे हैं। सावन के महीने में यह दोनों मिठाइयां बहुत पसंद की जाती हैं।
वयह रक्षाबंधन की प्रमुख मिठाई है। यह एक पारंपरिक मिठाई है, जो इस मौसम में लोगों को खूब पसंद आती है। जगाधरी बाजार स्थित मिष्ठान भंडार के संचालक विपुल ने कहा कि इन दिनों घेवर व फिरनी की मांग सबसे ज्यादा होती है। विशेषकर रक्षाबंधन के करीबी दिनों में इन दोनों मिठाइयों की खूब बिक्री होती है।
रक्षाबंधन 9 अगस्त में मनाया जा रहा है। ऐसे में व्यस्त लोगों व बाहर से बहन के घर आने वाले लोग इन मिठाइयों की खरीद कर रहे हैं। दूसरी तरफ बाजार में रौनक व त्योहार को देखते हुए दुकानदार भी इसकी तैयारियों में जुटे हैं। इन दिनों अधिकांश कारीगरों का पूरा घेवर व फिरनी बनाने में निकल रहा है।
हलवाइयों ने पहले ही पर्याप्त मात्रा में मिठाई तैयार करने के लिए मैदा, चीनी, सूखे मेव व अन्य सामान मंगवाकर जमा कर लिया है, ताकि बाद में इधर-उधर दौड़ना न पड़े। हलवाइयों व मिष्ठान भंडार संचालकों के अनुसार बारिश वाले दिन इन दोनों मिठाइयों की खूब बिक्री होती है।
320 से 600 रुपये तक बिक रहा घेवर
बाजार में मिष्ठान भंडारों पर घेवर व फिरनी के अलग-अलग दाम हैं। कहीं प्रति किलो घेवर का 320 तो कहीं 340 रुपये दाम है। इसी प्रकार फीकी व मीठी फिरनी 200 रुपये में बिक रही है। रेलवे स्टेशन रोड स्थित मिष्ठान विक्रेता गगन ने बताया कि घेवर व फिरनी की मांग बारिश में होती है। सप्ताह भर से रुक-रुक कर हो रही बारिश से इसकी मांग बढ़ गई है। इसी तरह मोहन ने बताया कि बाजार में 320 से 340 रुपये प्रतिकिलो में घेवर बिक रहा है। बाजार में 600 रुपये प्रति किलोग्राम के दाम में भी घेवर उपलब्ध हैं।