यमुनानगर शहर के गाबा अस्पताल के संचालक डाक्टर बीएस गाबा के पौत्रों का अपहरण कर 50 लाख फिरौती मांगने की साजिश का मामला सामने आया है। अस्पताल में पहले काम करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने इसका खुलासा किया है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने डाक्टर के चालक से बच्चों के स्कूल आने-जाने का समय पूछकर अपहरण की साजिश रची थी। इससे पहले की आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब होता, पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी गजेंद्र सिंह ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह करीब 10 साल से गाबा अस्पताल में बतौर ड्राइवर नौकरी कर रहा है। इस दौरान करीब एक वर्ष तक अस्पताल में सूरज नाम के युवक ने भी नौकरी की थी। उसने करीब चार माह तक डॉ. बीएस गाबा के मशरूम प्लांट में भी कार्य किया था। सूरज 10 नवंबर की शाम को उसके पास कमरे पर आया। आरोपी ने उससे बात करनी शुरू की।
उसने डाक्टर गाबा के पौत्रों के अपहरण की साजिश का जिक्र करते हुए बच्चों के स्कूल आने-जाने का समय पूछा। साथ ही बच्चों का अपहरण कर 50 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की बात की। फिरौती की रकम से गजेंद्र को भी हिस्सा देने का लालच दिया। आरोप है कि सूरज ने इस योजना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
आरोपी ने यह भी पूछा कि डाक्टर गाबा के घर में कितना पैसा और सोना रखा होता है। सूरज ने उसे कहा कि करीब एक माह पहले भी वह अंबाला में इसी तरह से फिरौती मांग चुका है। इसके बाद उसने यह बात डा. बीएस गाबा को बताई। फिर शिकायत पुलिस को दी गई।
मामला दर्ज करने के बाद रविवार की देर शाम पुलिस की एंटी व्हीकल थेफ्ट सेल की टीम ने गांव भटौली से आरोपी सूरज को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का रहने वाला है और यहां भाटली में रहता है। इससे पहले सूरज के पिता ईश्वर चंद्र ने शनिवार को ही उसकी गुमशुदगी का मामला सदर जगाधरी थाने में दर्ज करवाया था।
शहर थाना प्रभारी कमलजीत सिंह का कहना है कि मामले में गजेंद्र सिंह की शिकायत पर आरोपी सूरज के खिलाफ फिरौती मांगने की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को एंटी व्हीकल थेफ्ट सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।