संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। धरती, पानी और हवा को प्रदूषण से बचाने का संदेश लेकर भाई मनजीत सिंह के नेतृत्व में निकाली गई चौथी विशाल यात्रा साढौरा के कच्चा किला स्थित डयोढ़ी साहिब गुरुद्वारा पहुंची। ऐतिहासिक नगरी में पहुंचने पर संगतों ने यात्रा का स्वागत किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में निकाले जा रहे नगर कीर्तन के स्वागत और पालकी साहिब के अदब-सत्कार के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
यात्रा की शुरुआत जीरकपुर स्थित बुंगा माता गंगा साहिब से हुई थी। विभिन्न पड़ावों से होते हुए श्री पंजोखरा साहिब में नतमस्तक होने के बाद यात्रा साढौरा पहुंची। यात्रा का उद्देश्य गुरु साहिब के संदेश पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत को जन-जन तक पहुंचाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
यात्रा संयोजक मनजीत सिंह ने कहा कि खेती, बागवानी, मछली पालन और पशुओं के चारे में रासायनिक खादों व दवाइयों के अत्यधिक इस्तेमाल से धरती, पानी और हवा प्रदूषित हो रहे हैं। इसका असर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक खाद और जैविक तरीकों को अपनाने की अपील की।
मनजीत सिंह ने बताया कि चार दिवसीय यात्रा 17 से 20 अक्तूबर तक चलेगी। साढौरा के बाद यात्रा गुरुद्वारा साहिब कपाल मोचन पहुंचेगी। इसके बाद देहरादून और पांवटा साहिब होते हुए ऋषिकेश में रात्रि विश्राम किया जाएगा। अगले दिन यात्रा उत्तराखंड स्थित गुरुद्वारा रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि पीर बुद्धू शाह और बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़ी ऐतिहासिक धरती साढौरा में यात्रा का पहुंचना संगत के लिए विशेष महत्व रखता है।